Neem Karoli Baba का आध्यात्मिक प्रभाव: Kainchi Dham के अलावा प्रसिद्ध हैं ये 4 Hanuman Temple

By दिव्यांशी भदौरिया | Sep 07, 2026

फिलहाल नीम करौली बाबा के जीवन पर बनीं फिल्म हनुमान अंश की चर्चाएं खूब हो रही हैं। इस दौरान फिल्म ने काफी ताबड़तोड़ कमाई की हैं। जब भी हम नीम करोली बाबा की बात करते हैं, तो सबसे पहला ख्याल कैंची धाम का आता है। यह नैनीताल के पास बना है और यह मंदिर देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में फेमस है। 

देश की कई जगहों पर उनकी जिंदगी और हनुमान भक्ति से जुड़ी जगहें आज भी मौजूद हैं। इन्हीं में से कुछ मंदिर बाबा की प्रेरणा से बनें हैं, तो कुछ जगहों पर उन्होंने हनुमान मंदिर और आश्रम की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई। 

यदि आप नीम करौली बाबा को मानती हैं या उनके जीवन से संबंधित जगहों को देखना चाहती हैं, तो कैंची धाम के अलावा इन जगहों को भी जरुर एक्सप्लोर कर सकती हैं। आइए आपको इन चार जगहों के बारे में बताते हैं।

कौन थे नीम करोली बाबा?

 आपको बताते चलें कि, नीम करोली बाबा 20वीं सदी के एक महान संत थे, जिन्हें भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं। उनका असली नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था। बचपन से ही उनका मन भक्ति में था, इसलिए उन्होंने गृहस्थ जीवन छोड़कर देशभर में तपस्या की। उनका 'ट्रेन वाला किस्सा' काफी फेमस हैं। एक समय की बात है जब अंग्रेज टीटीई ने उन्हें नीम करोली स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया, तो गाड़ी एक इंच भी आगे नहीं बढ़ने दिया। जब बाबा के वापस चढ़ते ही ट्रेन चल पड़ी। यहीं से उनका नाम 'नीम करोली बाबा' पड़ गया था। उत्तराखंड का कैंची धाम उनका मुख्य आश्रम है।

नीम करोली बाबा के बनवाए इन 4 मंदिरों में करें दर्शन

नैनीताल का हनुमान गढ़ी मंदिर

नैनीताल जाने वालों के लिए हनुमान गढ़ी एक बेहतरीन ऑप्शन है। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और यहां भगवान राम और शिव के मंदिर भी हैं। यह मंदिर 1950 के आसपास नीम करौली बाबा ने मंदिर बनवाया था। यहां पर सूर्यास्त देखने के लिए लोग पहुंचते हैं। यदि आप नैनीताल घूमने जा रह हैं, तो हनुमान गढ़ी को अपनी लिस्ट में जरुर शामिल करें।

कैसे पहुंचें नैनीताल के हनुमान गढ़ी?

 - हनुमान गढ़ी नैनीताल में ही है।

 - नैनीताल से आप बस, कैब या शेयरिंग टैक्सी से पहुंच सकते हैं।

 - पास का बड़ा रेलवे काठगोदाम है।

 - काठगोदाम से मंदिर 32 किलोमीटर की दूरी पर है।

अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित काकड़ीघाट आश्रम

उत्तराखंड में ही काकड़ीघाट आश्राम को भी आप दर्शन कर सकती हैं। भवाली से अल्मोड़ा मार्ग पर ही यह पवित्र स्थान है। वैसे यहां पर बाबा नीम करोली ने हनुमान मंदिर बनवाया था। बाद में सिद्धि मां ने मंदिर का काम पूरा कराया और पुराने शिव मंदिर की मरम्मत करवाई।

कैसे पहुंचे?

यहां पर जाने के लिए काठगोदाम से काकड़ीघाट आश्रम की दूरी करीब 65 किलोमीटर है। आपको काठगोदाम रेलवे स्टेशन के बाहर से अल्मोड़ा या रानीखेत जाने वाली टैक्सी या बसें मिल जाएंगी। फिर आप आश्रम पहुंच सकती हैं।

दिल्ली का बिरला हनुमान मंदिर

दिल्ली में नीम करौली बाबा का मंदिर बना हुआ है। दिल्ली के बेला रोड पर बिरला हनुमान मंदिर बना हुआ है।  यहां पर बाबा के भक्तों को बताया था कि यमुना किनारे जमीन के नीचे हनुमान जी की एक मूर्ति है। फिर इस जगह से उनका जुड़ाव गहरा होता गया और उन्होंने यहां हनुमाम मंदिर की स्थापना की है। यहां के दर्शन आप जरुर करें।

ब‍िरला हनुमान मंद‍िर कैसे पहुंचें?

 - मेट्रो से- इसके लिए आपको लाल किला या चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पहुंचना होगा। इस मंदिर की दूरी करीब 1.5 से 2 किलोमीटर है, जहां से आप ई-रिक्शा या ऑटो ले सकती हैं।

 - बस से- कश्मीरी गेट आईएसबीटी या रिंग रोड की तरफ आने वाली बस में बैठ जाएं। यह मंदिर राजघाट के पास ही है। फिर आप उतरकर मंदिर तक जा सकती हैं।

 - कैब से- यदि आप बस, ऑटो या मेट्रो से यहां नहीं जाना चाहती हैं, तो कैब भी कर सकती हैं।

वृंदावन आश्रम

दिल्ली-एनसीआर वाले अक्सर मथुरा-वृंदावन जाते रहते हैं। यदि आपका प्लान वृंदावन जाने का है, तो बता दें कि यहां भी नीम करौली बाबा से संबंधित मुख्य जगह है। वृंदावन में बाबा का आश्रम और हनुमाम मंदिर है। यहां पहला मंदिर 1967 में बना था। परिसर में बाबा का समाधि मंदिर भी है।

कैसे पहुंचे 

वृंदावन में बाबा का यह आश्रम मथुरा रोड से कुछ ही दूरी पर परिक्रमा मार्ग पर स्थित है। इस आश्रम में आप टैक्सी, रिक्शा या ई-रिक्शा से भी पहुंच सकते हैं।

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