By अनन्या मिश्रा | Nov 07, 2025
ओमेगा-3 फैटी एसिड को मछली और मांसाहारी डाइट से जोड़कर देखा जाता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड ऐसा जरूरी पोषक तत्व है, जो आपके पूरे हेल्थ के लिए 'रामबाण' से कम नहीं है। शरीर इसको खुद नहीं बना सकता है, इसलिए इसको डाइट से लेना जरूरी है। यह हार्ट को हेल्दी रखने, मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाने और शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
अलसी के बीज पोषक तत्वों का पावरहाउस ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे सस्ता और प्रभावी स्त्रोत है। यह छोटे भूरे बीज अल्फा लिनोलेनिक एसिड ALA ओमोगा 3 से भरपूर होते हैं। 100 ग्राम अलसी के बीजों में 22 ग्राम ओमेगा 3 होता है। यह शरीर में जाकर EPA और DHA में परिवर्तित होता है। आप अलसी के बीजों को पीसकर स्मूदी, दही के साथ या फिर आटे में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इसको खाने से पाचन में भी सुधार होगा।
पोषण के मामले में चिया सीड्स किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं। अलसी की तरह यह भी ओमेगा 3 का अच्छा ऑप्शन है। चिया सीड्स में 17 ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। वहीं यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जोकि वेट बैलेंस और पाचन में भी लाभकारी होता है। आप चिया सीड्स को पुडिंग, सलाद के ऊपर छिड़ककर या पानी में भिगोकर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
आमतौर पर मेवे काफी महंगे होते हैं, लेकिन अखरोट मेवों की तुलना में सस्ते होते हैं और अखरोट ओमेगा 3 का एक अच्छा स्त्रोत है। खासकर जब अखरोट का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। अखरोट में अन्य नट्स की तुलना में सबसे ज्यादा ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। रोजाना 2-3 अखरोट का सेवन करने से मेंटल हेल्थ अच्छी होती है। क्योंकि DHA मस्तिष्क के ऊतकों का एक अहम हिस्सा है। साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मददगार है।
भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाला राई या फिर सरसों का तेल भी ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। अन्य रिफाइंड तेलों की तुलना में सरसों के तेल में हेल्दी फैट का बेहतर अनुपात होता है। लेकिन ध्यान रखें कि इसको अधिक गर्म करने से इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। इसलिए इसको हल्की आंच पर खाना पकाने या फिर सलाद की ड्रेसिंग के लिए उपयोग करना सबसे अच्छा है।