By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 01, 2026
खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण हमारे शरीर पर असर जरुर पड़ता है। गौरतलब है कि हम सभी हेल्दी रहना चाहते हैं,लेकिन क्या आप जानते है कि इसके लिए सही खान-पान और पाचन का दुरुस्त होना जरुरी है। अगर आप समय रहते छोटे-छोटे लक्षण पहचान लेंगी, तो कोई बड़ी बीमारी शरीर को नहीं घेर पाएगी। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि किचन पाचन से जुड़ी दिक्कतों में इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) सबसे आम है। इसी के कारण आंते ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। जिस वजह से पेट में ऐंठन, दर्द, दस्त या कब्ज हो सकती है, हालांकि इसे आयुर्वेदिक डाइट, हर्ब्स और लाइफस्टाइल में बदलावों के जरिए ठीक भी किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे फूड्स के बारे में जो इरिटेबल बॉवेव सिंड्रोम को कम करने में कारगर है।
पुराने चावल
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि पुराने चावल को पचाना बहुत ही आसान होता है। इससे वात और पित्त शांत होते हैं और ब्लोटिंग और दस्त भी कम होता है। इसलिए आप चावल को अच्छे से पकाकर खाएं। मूंग दाल के साथ ही इसकी खिचड़ी बनाकर खाना और भी फायदेमंद रहेगा। इसमें घी जरुर मिलाएं और नए चावल को अवॉइड करें।
बेल
बेल ऐसा फल है जो दस्त की समस्या को दूर करता है। बेल भी आईबीएस में होने वाले दस्क की दिक्कत को रोकता है। यह आंतों की सूजन को दूर करता है और डाइजेशन में सुधार लेकर आता है। ये आंतों की मसल्स को मजबूती देता है और स्टूल में म्यूकस को कम करता है। आप बिना चीनी के बेल का शर्बत पी सकती हैं या बेल के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ ले सकती है।
छाछ
छाछ हमारे पेट के लिए काफी फायदेमंद है। ये पाचन को सुधारता है और गट बैक्टीरिया को बैलेंस करता है। यह गैस और पेट फूलने जैसी दिक्कतें कम होती हैं। इसलिए खाने के बाद जीरा और काला नमक डालकर छाछ पिएं। आपको काफी फायदा मिलेगा।
मूंग दाल
मूंग दाल को पचाना काफी आसान होता है। इससे शरीर में जमा टॉक्सिंस कम होते हैं और ब्लोटिंग कम होती है। आप दाल को पतला बनाएं या दाल का सूप बनाएं। इसे हींग और जीरे के तड़के के साथ खाएं।
अनार
अनार आंतों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। यह दस्त की समस्या को नियंत्रित करने में मदद करता है और भूख बढ़ाने में भी लाभकारी है। इसे सुबह के समय सेवन करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। अनार पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर की कमजोरी दूर करने में भी सहायक होता है।