दिल्ली में कोरोना का कोहराम, दो सप्ताह में गृह पृथक-वास और निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या में भारी इजाफा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 09, 2020

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के बीच दिल्ली में पिछले दो सप्ताह में गृह पृथक-वास में जाने वालों की संख्या में 50 फीसद वृद्धि के साथ आंकड़ा 24,723 पहुंच गया है, वहीं इस अवधि में शहर में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या में भी 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शहर में संक्रमण के नए मामलों में 28 अक्टूबर से तेजी आयी है और उस दिन 5673 नए मामले सामने आए जबकि आठ नवंबर को 7745 नए मामले सामने आये जो शहर में एक दिन में आए कोविड-19 के सर्वाधिक मामले हैं। इस दौरान शहर में 74,000 से ज्यादा कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। 

विशेषज्ञों का मानना है कि त्यौहारी सीजन के कारण भीड़ बढ़ने, प्रदूषण के स्तर में वृद्धि, कोविड-19 से जुड़े मानदंडों में नरमी सहित अन्य कारणों से रोजाना आने वाले नए मामलों में वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि इसी कारण गृह पृथक-वास में रहने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 अक्टूबर को शहर में 14,164 लोग गृह पृथक-वास में रह रहे थे और अगले दिन 20 अक्टूबर को इनकी संख्या में नाममात्र की कमी आयी और वह 14,046 रह गई। लेकिन उसके बाद से संख्या लगातार बढ़ रही है और 31 अक्टूबर को ऐसे लोगों की संख्या 20,093 पहुंच गई।  

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इसी अवधि में 21 अक्टूबर को शहर में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या 2724 थी जो 31 अक्टूबर को बढ़कर 3274 हो गई। नवंबर के महीने में शहर में दो दिन कोविड-19 के 7,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं जबकि चार दिन 6,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। शनिवार और रविवार को 75 से ज्यादा लोगों की संक्रमण से मौत हुई है जो पिछले चार महीने में सबसे ज्यादा है। शहर में 28 से 31 अक्टूबर पर रोजाना 5,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। शहर में रविवार को संक्रमण से 77 लोगों की मौत होने के साथ ही कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,989 हो गई। शनिवार को संक्रमण से 79 लोगों की मौत हुई थी।

आंकड़ों के अनुसार, सात नवंबर को ही शहर में उपचाराधीन मामलों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई थी और रविवार को यह 41,857 थी। रविवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,38,529 हो गई है। उसमें कहा गया है कि अभी तक 3,89,683 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हुए हैं या फिर शहर से बाहर चले गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होने की दर करीब 89 प्रतिशत है। नए मामलों में तेजी से वृद्धि होने के कारण विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध कोविड-19 वार्ड या आईसीयू और वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बिस्तरों की संख्या भी तेजी से कम हो रही है। 

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दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर राज्य सरकार द्वारा संचालित और निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई और महामारी की ‘‘तीसरी लहर’’ से निपटने के लिए 1100 से ज्यादा बिस्तर जोड़े। शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, शहर में कोविड-19 मरीजों के लिए कुल 15,781 बिस्तर हैं जिनमें से फिलहाल 8253 उपलब्ध हैं। रविवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, कोविड-19 मरीजों के लिए उपलब्ध कुल 16,027 बिस्तरों में से फिलहाल सिर्फ 7955 बिस्तर खाली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लोगों को जिन्हें सांस संबंधी दिक्कतें हैं उन्हें जितना ज्यादा संभव हो घर के भीतर रहना चाहिए और सेहत का ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखना चाहिए, लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

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