समोसे का 500 साल पुराना 'शाही' रहस्य! ब्रिटिश म्यूजियम की एक दुर्लभ पांडुलिपि में छिपा है असली नुस्खा | Ancient Samosa Recipe

By रेनू तिवारी | Apr 10, 2026

समोसा आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड्स में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस समोसे को हम आज बड़े चाव से खाते हैं, वह 500 साल पहले बिल्कुल अलग दिखता था? ब्रिटिश म्यूजियम में रखी एक प्राचीन फारसी पांडुलिपि में समोसे की एक ऐसी रेसिपी मिली है, जो इसके वर्तमान स्वरूप से कोसों दूर है।

500 साल पुरानी रेसिपी: न आलू, न मिर्च

आज के समोसे की पहचान आलू और तीखी मिर्च से होती है, लेकिन 500 साल पहले की इस रेसिपी में ये दोनों ही चीजें गायब थीं। इसका कारण यह है कि आलू और मिर्च उस समय तक भारत पहुँचे ही नहीं थे (इन्हें बाद में पुर्तगाली भारत लाए)।

निमतनामा के अनुसार समोसे की मुख्य सामग्री:

भुने हुए बैंगन का गूदा: समोसे के अंदरूनी मिश्रण के लिए भुने हुए बैंगन का उपयोग किया जाता था।

सोंठ (सूखा अदरक): स्वाद में गहराई लाने के लिए।

सूखा मेमने का मांस (Lamb): मांस को प्याज और लहसुन के साथ तब तक पकाया जाता था जब तक कि वह पूरी तरह सूख न जाए।

शुद्ध घी: आज के तेल के बजाय, इन समोसों को शुद्ध घी में तला जाता था।

स्ट्रीट फूड बनने से पहले का 'शाही समोसा'

यह उस दौर का समोसा है जब यह आम जनता का नाश्ता नहीं, बल्कि राजाओं के दरबार की शान हुआ करता था। निमतनामा की यह रेसिपी आज के स्ट्रीट स्टॉल पर मिलने वाले समोसे की तुलना में कहीं अधिक समृद्ध (Rich), सुगंधित (Perfumed) और स्पष्ट रूप से शाही (Royal) थी। इसमें मसालों का संतुलन और मांस का उपयोग इसे एक विलासितापूर्ण व्यंजन बनाता था। यह पांडुलिपि हमें याद दिलाती है कि कैसे समय के साथ स्वाद और सामग्री बदल जाते हैं, लेकिन समोसे के प्रति हमारी दीवानगी सदियों से बरकरार है।

मुख्य तथ्य (Quick Facts):

पांडुलिपि: निमतनामा (1501-1510 ईस्वी)

स्थान: मांडू, मध्य प्रदेश (मालवा सल्तनत)

संरक्षण: ब्रिटिश म्यूजियम, लंदन

मुख्य सामग्री: बैंगन, सूखा अदरक, मेमना, घी

क्या आप जानते हैं? समोसे का मूल नाम 'संबोसा' है, जिसकी जड़ें मध्य एशिया और फारस (ईरान) में छिपी हैं। मांडू के सुल्तानों ने इसे भारतीय मसालों और स्थानीय स्वादों के साथ एक नया रूप दिया था।

समोसे के इस प्राचीन इतिहास और 'निमतनामा' के बारे में कुछ और ऐसी दिलचस्प जानकारियाँ हैं, जो आपको हैरान कर देंगी। यह केवल एक रेसिपी नहीं, बल्कि उस समय के खान-पान की संस्कृति का एक जीवंत दस्तावेज है।

समोसे का नाम और उसका सफर

पांडुलिपि में इसे 'संभुसा' (Sambusa) या 'संबोसा' कहा गया है। मध्य एशिया में इसे 'समोसा' के बजाय 'सोम्सा' कहा जाता था।

फारसी जड़ें: मूल रूप से यह फारस (ईरान) का व्यंजन था, जिसे 'सनबोसाग' कहा जाता था।

मांडू का प्रभाव: जब यह मांडू (मध्य प्रदेश) पहुँचा, तो सुल्तान गयासुद्दीन खिलजी के रसोइयों ने इसमें भारतीय सुगंधित मसालों जैसे गुलाब जल, कपूर और कस्तूरी का उपयोग करना शुरू किया, जिससे यह एक 'परफ्यूम' जैसा खुशबूदार व्यंजन बन गया।

मांस पकाने की अनोखी तकनीक

'निमतनामा' के अनुसार, समोसे के अंदर का कीमा साधारण तरीके से नहीं बनाया जाता था। इसमें 'दो-पियाज़ा' तकनीक का ज़िक्र मिलता है। मांस को तब तक भूना जाता था जब तक उसका पानी पूरी तरह खत्म न हो जाए और वह 'दरदरा' न हो जाए। इसमें बारीक कटे हुए प्याज को अंत में डाला जाता था ताकि प्याज का कुरकुरापन बना रहे, जो आज भी अच्छे समोसों की पहचान है।

'निमतनामा' की अद्भुत कलाकारी

यह पांडुलिपि केवल शब्दों के लिए नहीं, बल्कि अपनी पेंटिंग्स (Miniatures) के लिए भी प्रसिद्ध है। इसमें सुल्तान को खाना बनाते, शिकार करते और शाही दावतों का आनंद लेते हुए दिखाया गया है। पेंटिंग्स में रसोइयों को समोसे बेलते और उन्हें घी की कड़ाही में तलते हुए साफ़ देखा जा सकता है। यह उस समय के बर्तनों और पाक कला की तकनीकों को समझने का सबसे बड़ा स्रोत है।

समोसे के अंदर 'बैंगन' क्यों?

आज हमें यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन उस दौर में भुना हुआ बैंगन (Aubergine) मांस के साथ एक 'बाइंडर' (जोड़ने वाला तत्व) के रूप में इस्तेमाल होता था। यह कीमे को नमी देता था और समोसे के अंदर के मिश्रण को मलाईदार (Creamy) बनाता था।

भारत में 'आलू' की एंट्री और समोसे का बदलाव

यह पांडुलिपि साबित करती है कि समोसा भारत का 'विदेशी मेहमान' था जिसे यहाँ आकर नया रूप मिला।

16वीं सदी के बाद: पुर्तगाली भारत में आलू लेकर आए

शाकाहारी क्रांति: चूंकि भारत में एक बड़ी आबादी शाकाहारी थी, इसलिए धीरे-धीरे कीमे की जगह मसालेदार उबले हुए आलू और मटर ने ले ली।

शाही से सड़क तक: जब कीमे (महंगा) की जगह आलू (सस्ता) आया, तभी समोसा शाही दरबारों से निकलकर सड़कों पर 'स्ट्रीट फूड' बना।

प्रमुख खबरें

ट्रंप मीडिया को $238 Million का भारी घाटा, Bitcoin और Crypto बाजार में गिरावट ने बढ़ाई Donald Trump की टेंशन

Banking Sector में UPI जैसा बदलाव लाएगा AI, कर्ज देने के पुराने तरीके बदलेंगे RBI Governor Sanjay Malhotra

Toronto Semifinal: Iga Swiatek ने श्नाइडर को रौंदा, स्वितोलिना से होगा पुरानी हार का हिसाब

FIFA World Cup की सफलता का हवाला देकर Donald Trump ने Infantino को बताया शानदार व्यक्तित्व