Trump 2.0 से 62% अमेरिकी जनता को बड़ी उम्मीदें हैं? 35 शब्दों के शपथ के साथ क्या रहने वाले हैं 100 बड़े ऑर्डर

By अभिनय आकाश | Jan 20, 2025

"कोई भी हारने वाले को पसंद नहीं करता। कोई भी धमकाया जाना पसंद नहीं करता। फिर भी हम खड़े हैं, हम धरती पर सबसे बड़ी महाशक्ति हैं और हर कोई हमारे हिस्से का खा रहा है। यह ठीक नहीं है। अगर मैं अपना धंधा ऐसे चलाता तो खुद को बाहर कर देता। अमेरिका को फिर से जीतना शुरु करना होगा। आओ हम सब मिलकर अमेरिका को मजबूत बनाएं और उसे फिर से महान बनाएं।

इन शब्दों के साथ अकड़ते और हवा में मुट्टियां लहराते हुए डोनाल्ड जॉन ट्रंप ने जून 2015 में दुनिया की सबसे ताकतवर कुर्सी को हासिल करने के लिए अपने शुरु किए चुनाव प्रचार को जीत के साथ समाप्त किया था। कट टू 2024  हम अपने देश को ठीक करने में मदद करने जा रहे हैं। हमारे पास एक ऐसा देश है जिसे मदद की ज़रूरत है और उसे मदद की सख्त ज़रूरत है। हम अपनी सीमाएं फिक्स करने जा रहे हैं। हम सब कुछ फिक्स करने जा रहे हैं। इन लाइनों के साथ अपनी चुनावी जीत के बाद ट्रंप ने ये दर्शाया था कि आने वाले दिनों में कुर्सी संभालने के बाद उनके तेवर कैसे रहने वाले हैं।

इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिसको लेकर कहा जाता है कि इसके बाद दुनिया बदल गई है। जैसे 9/11 की घटना जब ट्विन टावर पर हमला हुआ। वो इतिहास का ऐसा पन्ना है जिसका असर पूरी दुनिया पर गंभीरता से पड़ा। ऐसे में आज की तारीख में जब भारत में रात के साढ़े दस बज रहे होंगे उसके बाद से पूरी दुनिया बदल जाएगी। हो भी क्यों न भला 20 जनवरी का दिन जब अमेरिका में नमस्ते ट्रंप का आगाज होने वाला है। वे अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले रहे हैं और व्हाइट हाउस में वापसी भी कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर शपथग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं। खबर है कि वहां उनकी ट्रंप प्रशासन के साथ भारत अमेरिकी कारोबारी संबंधों आवज्रन संबंधी मुद्दों पर खास तौर पर बात होगी। साथ ही जयशंकर अमेरिका के नए विदेश सचिव के साथ क्वाड देशों के विदेशी मंत्रियों की अलग से आयोजित बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इन सब के बीच शपथग्रहण के साथ डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से की जाने वाली घोषणाओं पर सभी की नजरें बनी हुई है। 

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इनॉग्रेशन डे का इतिहास और इस बार क्या होगा खास

अमेरिकी संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति का कार्यकाल उस दिन दोपहर से शुरू होता है जब वे पद की शपथ लेते हैं। नए राष्ट्रपति आधिकारिक रूप से 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करते हैं। यह शपथ ग्रहण समारोह वॉशिंग्टन डीसी की कैपिटल बिल्डिंग की सीढ़ियों पर होता है।  अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भीषण ठंड पड़ने के पूर्वानुमान के कारण कैपिटल रोटुंडा में बंद जगह पर पद की शपथ लेंगे। पिछले 40 वर्षों में यह पहली बार होगा कि कोई राष्ट्रपति कैपिटल सीढ़ियों पर शपथ नहीं लेगा। राष्ट्रपति पद की शपथ लेना अमेरिका के संविधान के मुताबिक जरूरी है। शपथ ग्रहण के बाद नए राष्ट्रपति भाषण देते हैं और इस दौरान वह बताते हैं कि वह अपने कार्यकाल में क्या-क्या करेंगे और उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं?  

संविधान की रक्षा के नाम 35 शब्दों की शपथ लेंगे

ट्रम्प संविधान की रक्षा के नाम पर 35 शब्दों की शपथ लेंगे। पूर्व राष्ट्रपति अन्नाहम लिंकन और अपनी माता की बाइबिल पर हाथ रखेंगे। अमेरिकी के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स उन्हें शपथ दिलाएंगे। इसके बाद ट्रम्प भाषण भी देंगे। पिछली बार ट्रम्प ने शपथ के बाद 16 मिनट का भाषण दिया था। 

शपथ ग्रहण समारोह के टॉप 5 अपडेट

डॉनल्ड ट्रंप और मेलानिया वॉशिंगटन डीसी में सेंट जॉन्स एपिस्कोपल चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल होंगे। इसके बाद वे जो बाइडन और जिल से चाय पर मिलेंगे। 

1. ट्रंप भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

2. समारोह में सिंगर ग्रीनवुड और क्रिस्टोफर मैकचियो परफॉर्म करेंगे।

3. पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को औपचारिक विदाई दी जाएगी।

4. ट्रंप हस्ताक्षर समारोह और स्टैच्यूरी हॉल में उद्घाटन लंच में भाग लेंगे।

5. डांस और डिनर इवेंट्स होंगे।

कई विदेशी नेता

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और इटली की पीएम जोर्जिया मेलोनी जाएंगी। उपराष्ट्रपति हान झेंग चीन की ओर से शामिल होंगे। ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो जाना चाहते थे, लेकिन उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू, बुश, और बिल क्लिंटन शामिल होगे। हालांकि, वे लंच में शामिल नहीं होंगे। पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस भी आ सकते हैं। कैरी अंडरवुड 'अमेरिका द ब्यूटीफुल' गाएंगी। मशहूर एथलीट माइक टायसन, फुटबॉलर एंटोनियो बाउन शामिल होंगे। 

मस्क से लेकर अंबानी तक 

एलन मस्क, मार्क जकरबर्ग और जेफ बेजोस जैसे दुनिया के तीन सबसे अमीर लोग शामिल होंगे। भारत से उद्योगपति मुकेश अंबानी और नीता अंबानी पहुंचेंगे।  बड़े-बड़े बिजनेसमैन ने 1 मिलियन डॉलर तक का दान दिया, लेकिन कुछ को समारोह में जगह नहीं मिली। 

ट्रंप के 100 फैसलों का ब्लू प्रिंट

अमेरिकी जनता के साथ-साथ दुनिया भर की नजरें ट्रम्प के पहले दिन के फैसलों पर रहने वाली है। ट्रम्प अपने पहले दिन के 100 फैसलों का ब्लू प्रिंट भी रख चुके हैं। ट्रम्प के तीन बड़े फैसलों में मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाना, कैपिटल हिंसा के आरोपियों की सजा माफी और रूस-यूक्रेन युद्ध विराम प्रमुख हैं। इन तीनों ही फैसलों को बाइडेन के रुख से उलट माना जा रहा है। मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाना के पहले का विवादास्पद के कार्यकाल इस बाइडेन ने सत्ता संभालने के बाद था। 

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कैपिटल हिंसा के आरोपियों को माफी 

अमेरिका में घुसपैठ का सबसे बड़ा रूट मैक्सिको होकर है। बॉर्डर पैट्रोल को बढ़ाने के लिए ट्रम्प बयान दे चुके हैं। ट्रम्प का दूसरा फैसला यानी कैपिटल हिंसा के आरोपियों को माफी देने का होगा। कैपिटल हिंसा के लगभग डेढ़ हजार आरोपी हैं। ट्रम्प चुनाव प्रचार के दौरान अपने इन समर्थकों को 'लोकतंत्र के रक्षक' करार देते आए हैं। ट्रम्प का तीसरा बड़ा फैसला रूस-यूक्रेन युद्ध विराम हो सकता है। ट्रम्प रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ यथास्थिति की डील कर सकते हैं। यूक्रेन को सैन्य- आर्थिक सहायता में कटौती कर युद्ध विराम के लिए दबाव डाल सकते हैं। 

कुछ मुस्लिम देशों पर ट्रैवल बैन लगा सकते हैं

1. इंडस्ट्री को ज्यादा छूट

2. कुछ मुस्लिम देशों पर बैन 

3. कनाडा- मेक्सिको पर ज्यादा टैरिफ

4. आरक्षण खत्म होगा 

5. स्कूली कोर्स बदलेगा 

6. माइग्रेशन एप बंद

7. ई-व्हीकल सब्सिडी खत्म 

अमेरिकी जनता को ट्रंप से बड़ी उम्मीदें

ट्रंप की दूसरी पारी को लेकर अमेरिकियों में उत्साह है। न्यूयॉर्क टाइम्स और इप्सॉस के सर्वे के अनुसार 62 % लोगों को ट्रंप से बड़ी उम्मीदें हैं। सर्वेक्षण में 2 से 10 जनवरी तक 2,128 वयस्कों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि 55 प्रतिशत अमेरिकी या तो दृढ़ता से या कुछ हद तक ऐसे सामूहिक निर्वासन का समर्थन करते हैं। अमेरिकी इस बात पर अधिक समान रूप से विभाजित हैं कि क्या श्री ट्रम्प को चीन और मैक्सिको जैसे देशों पर टैरिफ लागू करना चाहिए, जिसे उन्होंने विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने के तरीके के रूप में करने की कसम खाई है। फिर भी, 46 प्रतिशत का कहना है कि विदेशी देशों के साथ व्यापार बढ़े हुए टैरिफ के अधीन होना चाहिए। एक बड़ा बहुमत इस बात को सख्ती से सीमित करने के प्रयासों के प्रति सहानुभूति रखता है कि डॉक्टर अपनी लिंग पहचान से जूझ रहे बच्चों का इलाज कैसे कर सकते हैं।

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