By अभिनय आकाश | Oct 27, 2025
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हाल ही में जो हलचल देखने को मिली है, उससे लग रहा है कि दोनों देशों के बीच जंग कभी भी भड़क सकती है। खासकर लैटिन अमेरिका में अमेरिका ने करीब 10 हजार अपने सैनिकों की तैनाती के साथ ही अपने कई खतरनाक युद्धपोत, एयरक्रॉफ्ट कैरियर, परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती बढ़ाई है। उसके बाद से तो ऐसा लग रहा है कि अमेरिका की सेना वेनेजुएला पर हमला करने के मूड में है। लेकिन यहां गौर करने वाली बात ये है कि अमेरिका की तमाम बड़ी तैयारियों के बावजूद भी वेनेजुएला झुकने को तैयार नहीं है। बल्कि अमेरिका को भिड़ने की सीधी चुनौती भी दे रहा है। ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि वेनेजुएला अमेरिका से कई गुणा छोटा देश होने के बावजूद भी कैसे उसे सीधे ललकार रहा है। आपको बता दें कि वेनेजुएला की आबादी भारत के राज्य हरियाणा जितनी है।
माधुरों को सत्ता से हटाने के लिए अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल एक्सपोर्ट पर भी सेंशंस लगा दिए। वेनेजुएला में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए गए। लेकिन निकोलस मादुरो टस से मस नहीं हुए। ऐसे में आखिरी और सबसे बड़ा हमला करने के लिए अमेरिकी डीप स्टेट ने लोकतंत्र का सहारा लिया। अमेरिका ने कहा है कि अब वक्त आ गया है कि वेनेजुएला में भी लोकतंत्र आए। अमेरिकी डीप स्टेट ने ऐलान किया है कि माधुरों के जाने का वक्त आ गया है और उनकी जगह वेनेजुएला में लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रही मरिया कोरीना मचाडो को आना चाहिए।
मरिया कोरीना मचाडो है जो अमेरिकी डीप स्टेट के कहने पर पिछले कई सालों से निकोलस माधुरों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। इन्हीं मरिया कोरीना मचाडो को हाल ही में शांति का नोबेल पुरस्कार दिलवाया गया है ताकि मादुरों को हटाया जाए और मचाडो को सत्ता में लाया जाए। मरिया कोरीना मचाडो पहले ही बयान दे चुकी हैं कि अगर वह वेनेजुएला की सत्ता में आती हैं तो अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला में तेल व्यापार करने के लिए बुलवाएंगी। अब बताइए इससे बड़ा और सबूत क्या हो सकता है कि अमेरिका लोकतंत्र की आड़ में वेनेजुएला में तख्ता पलट करवाना चाहता है। जंग के बीच मरिया कोरीना मचाडो ने पीएम मोदी पर बयान दिया है। शांति का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मचाडो ने एक भारतीय चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा है कि मैं आजाद वेनेजुएला में पीएम मोदी की मेजबानी करने के लिए तैयार हूं।