गुजरात के एक दर्जी पर अदालत ने 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया, वजह? शादी के लिए महिला का ब्लाउज सिलने में देरी

By रेनू तिवारी | Oct 28, 2025

अहमदाबाद में, एक महिला, जिसने पारिवारिक शादी की तैयारी बहुत ध्यान से की थी, उस समय निराश हो गई जब दर्जी उसका ब्लाउज समय पर नहीं पहुँचा सका। 24 दिसंबर, 2024 को होने वाली इस शादी में उसे पारंपरिक साड़ी पहननी थी, जिसके लिए उसने ब्लाउज सिलने के लिए कपड़ा दर्जी को दिया था।

 

इसे भी पढ़ें: ग्रेजुएट युवाओं के लिए खुशखबरी! SBI में निकलने वाली हैं 3500 अधिकारी पदों पर बंपर भर्तियां

 

कोर्ट ने ब्लाउज में देरी के लिए दर्जी को दोषी ठहराया

बाद में महिला ने दर्जी को कानूनी नोटिस भेजा और उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अहमदाबाद (अतिरिक्त) में शिकायत दर्ज कराई। दर्जी आयोग के सामने पेश नहीं हुआ। पैनल ने उसे ब्लाउज न देने के लिए "सेवा में कमी" का दोषी पाया और कहा कि शिकायतकर्ता को "मानसिक उत्पीड़न" का सामना करना पड़ा।

कोर्ट ने दर्जी को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 4,395 रुपये वापस करने और मानसिक कष्ट और मुकदमेबाजी के खर्च के लिए अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश दिया, जो लगभग 7,000 रुपये था।

इस साल की शुरुआत में केरल में भी ऐसा ही मामला

इस साल अप्रैल में केरल के कोच्चि में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। एर्नाकुलम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक टेलरिंग फर्म को एक ग्राहक को 15,000 रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश दिया था, क्योंकि वह दिए गए माप के अनुसार शर्ट नहीं सिल पाई थी।

इसे भी पढ़ें: पहले ठोका, फिर 15 घंटे तक रगड़वाई नाक, फिर भी नहीं माना तालिबान, तुर्किए में पाकिस्तान की हो गई दवाई!

शिकायतकर्ता ने अगस्त 2023 में एक कस्टम-मेड शर्ट का ऑर्डर दिया था, लेकिन बाद में अदालत को बताया कि सिली हुई शर्ट ठीक से फिट नहीं हुई और इस्तेमाल के लायक नहीं थी। जब उसने जनवरी 2024 में फिर से सुधार के लिए दुकान से संपर्क किया, तो कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही फर्म ने उसके कानूनी नोटिस का जवाब दिया। इसके बाद ग्राहक ने मानसिक कष्ट और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।

प्रमुख खबरें

Shai Hope के नाबाद 162 रन, West Indies ने तीसरे ODI में भारत को पांच विकेट से हराया

विमान अपहरण की कोशिश विफल करने वाले Captain Smit Machhar को मिले अशोक चक्र: ABVP

Russia इस साल 70000 भारतीय कुशल कामगारों को देगा नौकरी: विदेश मंत्री एस जयशंकर

CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़े 150 AISA कार्यकर्ता हिरासत में