By अभिनय आकाश | Oct 16, 2026
इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने पूर्व हमास नेता याह्या सिनवार के 10 वर्षीय बेटे इब्राहिम द्वारा युद्ध की शुरुआत में कथित तौर पर लिखे गए एक पत्र का खुलासा किया है। इस पत्र में बच्चे ने कलाश्निकोव (AK-47) राइफल थामने और यहूदियों को गोली मारने की अपनी इच्छा व्यक्त की है। यह पत्र 2024 में गाजा पट्टी में इजरायली सैनिकों द्वारा बरामद किया गया था, जिसे सिनवार के मारे जाने की दो साल पूरे होने की बरसी के अवसर पर जारी किया गया है। अपने पिता को संबोधित इस पत्र में संघर्ष के दौरान बच्चे की सोच की एक झलक मिलती है, जिसमें स्नेह और विरह के भावों के साथ-साथ यहूदियों के खिलाफ प्रत्यक्ष हिंसा का भी जिक्र है। IDF ने इस पत्र और उसके साथ मिले चित्रों को इस बात के प्रमाण के रूप में पेश किया है कि हमास की नफरत और सशस्त्र संघर्ष की विचारधारा गाजा की युवा पीढ़ी को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है।
पत्र के साथ इब्राहिम द्वारा बनाए गए कुछ चित्र भी थे, जिनमें हथियार, गाजा पट्टी और इज़राइल को अलग करने वाली सीमा बाड़ के पास तैनात टैंक, और इज़राइली क्षेत्र की ओर दागी जा रही मिसाइलें दिखाई गई हैं। आईडीएफ के अनुसार, यह सामग्री 2024 में गाजा में तैनात इजरायली सैनिकों को मिली थी। सेना ने अपने आधिकारिक संचार माध्यमों से ये दस्तावेज जारी किए हैं, जो यह दिखाते हैं कि संघर्ष के बीच पल रहे बच्चों पर हमास की उग्रवादी विचारधारा का क्या असर पड़ा है। इन चित्रों और पत्र में हथियारों तथा यहूदियों पर गोली चलाने के जिक्र ने इस बात की ओर ध्यान खींचा है कि संघर्ष और अपने विरोधियों के बारे में बच्चों की सोच बनाने में राजनीतिक और उग्रवादी विचारधाराओं की क्या भूमिका होती है। यह पत्र गाजा के परिवारों पर युद्ध के व्यापक परिणामों को भी दर्शाता है, जहाँ बच्चों ने लंबे समय तक हिंसा, विस्थापन और अपने रिश्तेदारों से बिछड़ने का दर्द झेला है।
याह्या सिनवार, जिसने गाजा में हमास का नेतृत्व किया और 2024 में पूरे संगठन का प्रमुख बन गया, उसे उसी साल अक्टूबर में इजरायली सेना ने मार गिराया। इजरायल का मानना था कि 7 अक्टूबर 2023 के हमलों का मुख्य सूत्रधार वही था, जिसकी वजह से गाजा में युद्ध शुरू हुआ। IDF द्वारा इस पत्र को जारी किए जाने के बाद, सिनवार की विरासत और हमास से जुड़ी जिहादी विचारधारा पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।