इधर South China Sea में चीन का हमला, उधर ब्रह्मोस पर फिलीपींस का बड़ा ऐलान

By अभिनय आकाश | Jul 21, 2026

इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई शक्ति अपनी सीमाओं को भूलकर दूसरों के आंगन में लहू बहाती है तो उसका अंत भी करीब होता है। दक्षिण चीन सागर यानी साउथ चाइना सी की लहरें आज फिर से चीख रही है। एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंभू रखवाला यानी कि चीन जिसने कोस्ट गार्ड की वर्दी में अपने समुद्री डकैतों को खूनी खेल खेलने के लिए उतार दिया और दूसरी तरफ है फिलीपींस। एक छोटा सा देश जो अब झुकने को तैयार नहीं है। लेकिन इस पूरी जंग में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट क्या है? और वो टर्निंग पॉइंट है भारत। आज मनीला के गलियारों में भारत के नाम की गूंज है। फिलीपींस के राजदूत जोसे फ्रांसिस्को इग्नासियो ने दिल्ली से जो संदेश भेजा है उसने चीन के सैन्य मुख्यालयों में हलचल मचा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में दो निहत्त रबर बोट्स अपने साथियों के लिए खाना और दवाइयां लेकर जा रही थी। तभी चीन की आठ हाई स्पीड नावें उन्हें घेर लेती है। चीनी जवान आधुनिक बंदूकों की बजाय लकड़ी के लट्ठों, डंडों और नुकीले हथियारों जैसे कि कुल्हाड़ी से हमला करते हैं। यह हमला मारने के लिए नहीं बल्कि फिलीपींस के नेवी को मानसिक रूप से तोड़ने और अपमानित करने के लिए था। 

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उधर हमला होता है। इधर ब्रह्मोस पर फिलीपींस ने बड़ा ऐलान कर दिया भारत से। यह कोई संयोग नहीं है। दरअसल भारत में फिलीपींस के राजदूत इग्नासियो का बयान कि ब्रह्मोस एक बहुत अच्छी शुरुआत है। यह चीन के लिए एक कड़ी चेतावनी है। फिलीपींस ने दुनिया को बता दिया कि वो अब सॉफ्ट टारगेट नहीं है। उसके पास दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस है।  बता दें भारत का रक्षा उद्योग अब आत्मनिर्भर से वैश्विक शक्ति की ओर बढ़ रहा है। फिलीपींस ने भारत को सबसे प्रमुख विकल्प चुना है क्योंकि भारत की मिसाइलें चीन की मिसाइल रक्षा प्रणाली जैसे कि S300 को चकमा देने में माहिर है। फिलीपींस अपनी तटीय सीमाओं पर ब्रह्मोस तैनात कर रहा है। 

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