By अभिनय आकाश | Sep 24, 2026
अमेरिका ईरान के साथ खतरनाक खेल खेलने जा रहा था। लेकिन उससे पहले ही ईरान ने अमेरिका को पांच दिनों की डेडलाइन दे दी है। सिर्फ पांच दिन। इसकी भी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ईरान ने सीधे-सीधे कह दिया है कि अगर पांच दिनों के भीतर अमेरिका ने ईरान की शर्तों को नहीं माना या कुछ भी दाएं बाएं किया तो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस के समंदर पर भयंकर जंग होगी और तो और जो देश भी अमेरिकी मसूबे में ईरान के खिलाफ ट्रंप का साथ देंगे उनकी फ्लाइट और पानी पर जहाज दोनों महफूज़ नहीं है। अमेरिका को यह सीधी और आखिरी चेतावनी किसी और ने नहीं बल्कि ईरान के सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसिन रजाई ने दी है। जो वहां सुप्रीम लीडर के करीबी और एक सख्त मिजाज फौजी कमांडर माने जाते हैं। मोहसिन रजाई के मुताबिक अमेरिका के पास अपनी गलतियों को सुधारने के लिए और ईरान की शर्तें पूरी करने के लिए सिर्फ 5 दिनों का वक्त बचा है। रिजाई ने साफ कर दिया कि जब तक वाशिंगटन ईरान की जायज मांगों और शर्तों को नहीं मानता है तब तक स्टेट ऑफ होर्मस यानी आबनाए होमस से जहाजों की आवाजाही को नॉर्मल नहीं किया जाएगा।
ईरान ने यह साफ कह दिया है कि अगर किसी पड़ोसी देश ने जमीन या एयर स्पेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिका को करने दिया तो उसे दुश्मन की हरकत माना जाएगा। ईरान का यह कड़ा कदम सीधे तौर पर अमेरिका को बैकफुट पर लाने और उस पर इकोनॉमिक प्रेशर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान के इस ताजा बयान से साफ है कि वो इंटरनेशनल कम्युनिटी के दबाव के आगे घुटने टेकने के बजाय दुनिया के सबसे बड़े तेल कारोबारी रास्ते को अपनी ढाल के तौर पर इस्तेमाल करेगा। ईरान का मानना है कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देश उस पर इकोनॉमिक पाबंदियां लगाएंगे, आर्थिक पाबंदियां लगाएंगे तो ईरान भी ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को रोक करारा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। दुनिया में त्राहिमाम शुरू हो जाएगा। दुनिया की मुसीबत बढ़ जाएगी और इसका जिम्मेदार अमेरिका होगा। ईरान हमले हमेशा खुद के आदमी अमेरिका की धरती पर ठसक से उतर कर अमेरिकी लोगों और दुनिया के बीच ईरान ने अमेरिका और इसराइल को वो लताड़ा है।