India-US Trade Deal में बड़ा यू-टर्न? अमेरिकी Factsheet से दालें और Digital Tax का ज़िक्र गायब

By Ankit Jaiswal | Feb 11, 2026

आमतौर पर बड़े व्यापार समझौतों के बाद जारी दस्तावेज़ अंतिम माने जाते हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित “ऐतिहासिक व्यापार समझौते” को लेकर अब तस्वीर थोड़ी बदली हुई नजर आ रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस समझौते से जुड़ी अपनी फैक्टशीट में कई अहम बदलाव कर दिए।


बता दें कि पिछले सप्ताह दोनों देशों द्वारा व्यापार समझौते की घोषणा के बाद व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक फैक्टशीट जारी की थी, जिसमें आगे की राह यानी “पाथ फॉरवर्ड” का जिक्र किया गया था। हालांकि, अब उस दस्तावेज़ का संशोधित संस्करण सामने आया है, जिसमें कुछ संवेदनशील बिंदुओं को हटा या बदला गया है।


गौरतलब है कि पहले जारी फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत अमेरिका के औद्योगिक उत्पादों और कई कृषि एवं खाद्य वस्तुओं पर शुल्क खत्म या कम करेगा। इसमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ड्राई फ्रूट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसी वस्तुओं का स्पष्ट उल्लेख था। लेकिन संशोधित दस्तावेज़ में अब दालों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।


मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा में भी बदलाव किया गया है। पहले कहा गया था कि भारत इस खरीद के लिए “committed” है, जिसे अब बदलकर “intends” कर दिया गया है। इसके साथ ही, नए संस्करण में कृषि उत्पादों का उल्लेख भी हटा दिया गया है। अब पाठ में केवल ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद की बात कही गई है।


इसके अलावा डिजिटल सेवाओं पर टैक्स को लेकर भी रुख बदला गया है। पहले फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स को हटाएगा और डिजिटल व्यापार से जुड़े नियमों पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। संशोधित संस्करण में डिजिटल टैक्स हटाने का जिक्र नहीं है, केवल डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत की प्रतिबद्धता बनी हुई है।


गौरतलब है कि यह अंतरिम व्यापार समझौता लगभग एक साल की बातचीत के बाद सामने आया है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी। इस योजना के तहत भारत को कई निर्यात श्रेणियों में फायदा मिलने की बात कही गई है, जहां शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें कपड़ा, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक, रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी उत्पाद शामिल हैं।


यह समझौता पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई टेलीफोन बातचीत के बाद घोषित किया गया था। दोनों नेताओं ने एक अंतरिम ढांचे पर सहमति जताई थी। बता दें कि इससे पहले व्यापार वार्ता उस समय अटक गई थी, जब ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया था। इसमें से 25 प्रतिशत शुल्क अगस्त में लगाया गया था और आरोप लगाया गया था कि भारत, रूस से ऊर्जा खरीद कर यूक्रेन युद्ध में उसकी “वार मशीन” को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे रहा है।


कुल मिलाकर, संशोधित फैक्टशीट यह संकेत देती है कि समझौते की भाषा और दायरे को लेकर अभी भी कूटनीतिक संतुलन साधा जा रहा है, और कई बिंदुओं पर अंतिम सहमति बनना बाकी है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

IPL 2026: RCB के वैकल्पिक होम वेन्यू की तलाश, DY पाटिल स्टेडियम रेस से बाहर

Olympic पोडियम पर भावुक हुए नॉर्वे के स्टार बायथलीट, कांस्य जीत के बाद निजी जीवन का सच बताया

Premier League: Stoppage Time गोल ने बचाई United की लाज, Tottenham की हार से कोच Frank पर बढ़ा संकट

US से Trade Deal की बड़ी कीमत! भारत ने खत्म किया Google Tax, संप्रभुता पर छिड़ी बहस