By अभिनय आकाश | Jun 18, 2026
बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनते ही यह कहा जा रहा था कि जो कुछ भी यूनिस के राज में हुआ वो सब बंद हो जाएगा। यानी कि हिंदुओं पर हमले रुक जाएंगे और भारत के साथ रिश्ते सुधर जाएंगे। लेकिन कुछ महीने बाद ही फिर से कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं को टारगेट करते हुए बवाल काटना शुरू कर दिया है। इस बार तो कट्टरपंथियों ने सीधे हिंदुओं की आस्था पर हमला किया है। ऐसा हमला कि जिससे भारत में भी गुस्सा फूट पड़ा है। दरअसल बांग्लादेश के पलाशवाड़ी उपजिला में पिछले कुछ समय से भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका 80% काम पूरा हो चुका है। इस मूर्ति की ऊंचाई 81 फीट होनी है। लेकिन जैसे-जैसे यह मूर्ति आसमान की ओर बढ़ती जा रही है, वैसे ही बांग्लादेश के जिहादियों के पेट में दर्द हो रहा है। कट्टरपंथी संगठनों ने ऐसी-ऐसी धमकियां देनी शुरू कर दी है कि प्रशासन ने इनके आगे सरेंडर करते हुए इस मूर्ति के निर्माण कार्य को रुकवा दिया है।
बांग्लादेश की सरकार को यूनाइटेड नेशंस ऑफ ऑर्गेनाइजेशन को और भारत सरकार को देश के माम राष्ट्रपति को उच्च स्तरीय बात करके इस समस्या का समाधान करना चाहिए। भारत के लोग भी उेलित होंगे जिसका विश्व स्तर पर गलत प्रभाव ना पड़े। भारत सरकार को इसमें कठोरता से यह निर्णय लेने की आवश्यकता है। तो इस तरह से अब भारत में भी भगवान राम की मूर्ति का निर्माण कार्य रोके जाने को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। अब देखने वाली बात यह है कि इस मुद्दे पर भारत सरकार क्या कुछ एक्शन लेती है। दरअसल बांग्लादेश के पलाशवाड़ी में एक मंदिर परिसर में भगवान राम की मूर्ति बनाई जा रही है। प्रस्तावित परियोजना की लागत लगभग 15.5 करोड़ है। इसके तहत भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति, भगवान कृष्ण की 50 फीट ऊंची मूर्ति और भगवान शिव की 30 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण होना है। इस परियोजना के पीछे काम कर रही श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्रदास ने कहा कि भगवान राम की मूर्ति सनातन धर्म के प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक के सम्मान में बनाई जा रही थी और इस्लामी समूह के परियोजना में शामिल लोगों को धमकियां दिए जाने के बाद काम रोक दिया गया। उन्होंने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाएं।
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