Delhi Court का साफ संदेश: देर रात Call करने वाली महिला 'गलत' नहीं, प्राइवेसी अहम

By अभिनय आकाश | Jun 25, 2026

दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि देर रात किसी पुरुष से फ़ोन पर बात करने वाली महिला के चरित्र पर सवाल उठाने या उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मांगने को सही ठहराने का यह अकेला कारण नहीं हो सकता। अदालत ने घरेलू हिंसा के एक लंबित मामले में एक व्यक्ति की अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। उस व्यक्ति ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के कॉल डिटेल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की उसकी मांग को ठुकरा दिया गया था। एडिशनल सेशंस जज शुनाली गुप्ता ने उस आदेश को बरकरार रखा और कहा कि ऐसे रिकॉर्ड के लिए किसी भी अनुरोध के पीछे ठोस और उचित कारण होने चाहिए। 2 जून के एक आदेश में कोर्ट ने कहा मेरी राय में दिन के किसी भी अजीब समय पर किसी व्यक्ति से बात करने मात्र से ही महिला के चरित्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता, जब तक कि यह आरोप न लगाया गया हो कि महिला का उस व्यक्ति के साथ कोई गैर-कानूनी या व्यभिचारपूर्ण संबंध है।

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कोर्ट ने आगे कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में, जैसे मल्टीनेशनल कंपनियों वगैरह में काम करती हैं और उनके पुरुष सहकर्मी भी होते हैं। सिर्फ़ इसलिए कि कोई महिला रात में फ़ोन पर बात करती हुई पाई गई... तो सिर्फ़ इसी आधार पर उसके मोबाइल नंबर का CDR सुरक्षित रखने की मांग नहीं की जा सकती। यह मानते हुए कि याचिका में पर्याप्त आधार नहीं थे और उचित वजह के बिना प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं किया जा सकता, कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अनुरोध को सही ढंग से खारिज किया था और अपील को भी खारिज कर दिया।

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