By एकता | Jul 12, 2026
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की कथित चोरी के खिलाफ उद्धव ठाकरे ने 5 जुलाई को 'राम रक्षा' आंदोलन की शुरुआत की थी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग इस समय सत्ता में बैठे हैं। आंदोलन के तहत उद्धव ठाकरे ने मध्य मुंबई के दादर में स्थित हनुमान मंदिर में 'हनुमान स्तोत्र' और 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया। इसके बाद मंदिर के बाहर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। भगवा रंग का कुर्ता पहने उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि अगर कोई हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल करके मंदिर को लूटेगा, तो देश के हिंदू उसे कभी माफ नहीं करेंगे।
उद्धव ठाकरे ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग ही आज सत्ता में बैठे हैं। किसी भी लुटेरे से उसकी खुद की लूट की जांच करने के लिए नहीं कहा जा सकता। इसलिए यह जांच पूरी तरह निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए।"
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने राजनीति में मशहूर नारे 'अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी हैं' का जिक्र करते हुए गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अयोध्या के हालात देखकर अब उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि आगे चलकर काशी और मथुरा में क्या होगा। उद्धव ने कहा कि हम निडर, मासूम और देश से प्यार करने वाले हिंदू जरूर हैं, लेकिन हम मूर्ख नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने हिंदुओं को जगाने का काम किया था, लेकिन आज की राजनीति में हिंदुओं को गुमराह किया जा रहा है।
राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की कथित चोरी का यह गंभीर मामला इसी साल 7 जून को सामने आया था। मामले की गहराई से जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा और पैसों की गिनती करने वाली टीम में शामिल 8 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया है।