By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 25, 2026
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के निकाय एटीसेपा ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सेवाओं के प्रस्तावित निजीकरण पर चिंता जताई की है। निकाय का कहना है कि एक स्वायत्त नियामक संस्था स्थापित किए बिना प्राधिकरण से नियंत्रण हटाना एक ऐसा नीतिगत निर्णय माना जा सकता है, जो भारत की राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करता है। नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू को 23 अप्रैल को लिखे पत्र में, एयर ट्रैफिक सेफ्टी इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल एसोसिएशन (इंडिया) के महासचिव वाई पी गौतम ने कहा कि इस मामले पर उच्चतम नीतिगत स्तर पर तत्काल पुनर्विचार की आवश्यकता है।
एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी प्रणाली बनाना, जहां एएनएस एक निर्भर आंतरिक इकाई बनी रहे और निजी संस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करे, जानबूझकर पैदा किया गया एक संस्थागत नुकसान माना जाएगा। इसमें आगे कहा गया कि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में एटीसी सेवाओं का विखंडन जवाबदेही, एकरूपता और परिचालन अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।