अरविंद केजरीवाल पर भड़के असम के मंत्री हजारिका, बोले- AAP मॉडल ने दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को किया ध्वस्त

By अनुराग गुप्ता | Aug 25, 2022

नयी दिल्ली। असम के 34 स्कूलों को बंद किए जाने की एक रिपोर्ट पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने असर सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की सलाह दी। जिसके बाद असम सरकार में मंत्री पीजूष हजारिका ने अरविंद केजरीवाल को तगड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आपको (अरविंद केजरीवाल) शिक्षा के उत्थान पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि समय-समय पर 'दिल्ली स्कूल मॉडल' भंडाफोड़ हुआ है।

अरविंद केजरीवाल ने एग्जाम रिजल्ट खराब होने की वजह से असम के 34 स्कूलों को बंद किए जाने से जुड़ी एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए देश में ढेरों स्कूल खोलने की जरूरत बताई थी। उन्होंने कहा था कि स्कूल बंद करना समाधान नहीं है। हमें तो अभी पूरे देश में ढेरों नए स्कूल खोलने की ज़रूरत है। स्कूल बंद करने की बजाय स्कूल को सुधार कर पढ़ाई ठीक कीजिए।

पीयूष हजारिका का पलटवार

पीजूष हजारिका ने अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि सबसे पहले तो असम में स्कूलों को बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि समग्र शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए शिक्षा को एकीकृत किया जा रहा है! दूसरी बात आदरणीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी को शिक्षा के उत्थान पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि समय-समय पर उनके फर्जी 'दिल्ली मॉडल स्कूल' का भंडाफोड़ किया गया है।

इसे भी पढ़ें: आबकारी नीति को लेकर केजरीवाल पर भाजपा ने फिर साधा निशाना, सवालों से बचने का लगाया आरोप 

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा मॉडल ने दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है, दसवीं कक्षा का रिजल्ट जो 2011 में 99.09 फीसदी था, वो घटकर 2022 में 81.27 फीसदी हो गया है! पुडुचेरी की तुलना में दिल्ली के महान मॉडल स्कूल सभी पहलुओं में खराब हैं केजरीवाल जी को सीखने के बजाय असम जाना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Captain Smit Machhar पर कॉकपिट में हमले की जांच करेगी NIA, केंद्र का निर्देश

Thane में झील सौंदर्यीकरण गारंटी पत्र के बदले 7.5 लाख रुपये घूस लेते सरपंच गिरफ्तार

West Bengal में ERSS-112 सेवा शुरू, Suvendu Adhikari ने पुलिस प्रतिक्रिया सुधारने का दिया निर्देश

CJP की लीगल हेड पहुंचीं साकेत कोर्ट, CEC विरोध से रोकने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग