By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 01, 2026
मुंबई, एक अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले महीने आईआईटी-मुंबई के एक छात्र की आत्महत्या को अलग-थलग घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वंचित वर्गों के लोगों में यह भावना पैदा करने के लिए कुछ किए जाने की जरूरत है कि वे भी इन संस्थानों का हिस्सा हैं। अठारह सितंबर को 22-वर्षीय साहिल वाकोडे की आत्महत्या के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि यह शर्मनाक है कि किसी ने अपना बच्चा खो दिया और अब उसे न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
ये भारत के शीर्ष संस्थान हैं। अगर आप नामांकन दर, पढ़ाई छोड़ने की दर और कर्मचारियों की संख्या को देखें, तो क्या (वंचित समुदायों का) पर्याप्त प्रतिनिधित्व है? ऐसा नहीं है।
इन लोगों में यह भावना पैदा करने के लिए कुछ किए जाने की जरूरत है कि वे भी इन संस्थानों का हिस्सा हैं।’’ कॉजपा के संस्थापक ने सवाल किया कि किसी छात्र द्वारा कथित तौर पर नकल करने के कारण उसकी मौत को कैसे उचित ठहराया जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पेपर लीक होने के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आत्महत्या कर ली थी और क्या भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार मंत्रियों ने आत्महत्या की है। दीपके ने यह भी कहा कि केवल वही लोग समझ पाएंगे कि बड़े संस्थानों में दाखिला लेने के बाद आदिवासी समुदाय के लोगों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनके आदिवासी समुदाय में मित्र हैं।