Pravesh Shukla के परिजनों की अपील- आदिवासी पर पेशाब करने वाले को भले फांसी दे दो, मगर घर पर बुलडोजर मत चलाओ

By नीरज कुमार दुबे | Jul 05, 2023

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक आदिवासी युवक पर पेशाब करने के आरोपी युवक प्रवेश शुक्ला को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। राज्य सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 294 एवं 504 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। आदिवासी युवक पर प्रवेश शुक्ला द्वारा पेशाब करने का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले ने बताया है कि प्राप्त सबूतों के आधार पर मंगलवार देर रात करीब दो बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है।


बुलडोजर से डरा परिवार


इस बीच, आरोपी प्रवेश शुक्ला के घर पर बुलडोजर चलाये जाने की बढ़ती मांग से उसके परिजनों के मन में भय का माहौल है। प्रवेश शुक्ला के परिजनों का कहना है कि अगर उसने गलत काम किया है तो उसे भले फांसी दे दी जाये लेकिन घर पर बुलडोजर नहीं चलाया जाये क्योंकि छोटी बच्ची को लेकर कहां जाएंगे। प्रवेश शुक्ला के पिता और पत्नी ने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार से गुजारिश की कि आरोपी के कृत्य के लिए उन्हें परेशान नहीं किया जाये। दूसरी ओर, पीड़ित की पत्नी ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित आदिवासी युवक की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घिनौना कृत्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सख्त सजा देकर ही आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होना सुनिश्चित किया जा सकता है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के घर बुलडोजर चलाने की मांग पर उन्होंने कहा कि बुलडोजर कानून के हिसाब से चलता है कांग्रेस के हिसाब से नहीं।

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घटना पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप


हम आपको बता दें कि इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार शाम ट्वीट किया था, ‘‘सीधी जिले का एक वीडियो मेरे संज्ञान में आया है...मैंने प्रशासन को दोषी व्यक्ति को गिरफ्तार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने का निर्देश दिया है।’’


इस बीच, मध्य प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि आरोपी का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। अग्रवाल ने कहा कि आदिवासी समुदाय के खिलाफ होने वाले हर घृणित कृत्य का भाजपा हमेशा विरोध करेगी तथा मध्य प्रदेश भाजपा इस व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करती है। दरअसल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ही साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में आदिवासी समुदाय को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि आरोपी प्रवेश शुक्ला सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि है लेकिन संपर्क करने पर विधायक ने आरोप से इंकार किया। केदारनाथ शुक्ला ने कहा, ‘‘आरोपी मेरा प्रतिनिधि नहीं है। मुझे नहीं पता कि पीड़ित आदिवासी है या नहीं लेकिन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’’ विधायक ने कहा कि उनके केवल तीन प्रतिनिधि हो सकते हैं-- जिला पंचायत, जनपद और स्थानीय नगर परिषद में-- और आरोपी उनमें से कोई नहीं था और उनका कोई रिश्तेदार नहीं था।


हम आपको बता दें कि कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने एक बैनर की तस्वीर के साथ वीडियो क्लिप साझा की, जिस पर आरोपी को 'विधायक प्रतिनिधि सीधी' बताया गया था। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘21वीं सदी में हमारे देश के आदिवासियों के साथ ऐसे अमानवीय अत्याचार हो रहे हैं और हम विश्व गुरु बनने का सपना देख रहे हैं। हम सभी के लिए इससे अधिक शर्मनाक बात क्या हो सकती है?’’ इसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी एक वीडियो बयान साझा करते हुए आरोपी के कृत्य की निंदा करते हुए राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

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