By अनन्या मिश्रा | Sep 01, 2025
ऑस्टियोपेनिया, ऑस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स से मरीज की जिंदगी काफी तकलीफ में गुजरती है। इन सभी बीमारियों से बचने के लिए शरीर में कैल्शियम को कम नहीं होने देना चाहिए। अधिकतर लोग मानते हैं कि डाइट में दूध को कैल्शियम का प्रमुख सोर्स माना जाता है। लेकिन कुछ लोग दूध का सेवन नहीं कर पाते हैं। क्योंकि कुछ लोगों को इसका स्वाद पसंद नहीं आता है। तो वहीं कुछ लोगों को एलर्जी होने लगती है। लेकिन जो लोग डेयरी प्रोडक्ट का सेवन नहीं करते हैं।
मोरिंगा में ज्यादा कैल्शियम
आप सभी ने सहजन का नाम तो सुना ही होगा, इसको मोरिंगा या ड्रमस्टिक कहा जाता है। इसके पत्तों में दूध के मुकाबले 4 गुना अधिक कैल्शियम पाया जाता है। वहीं इसके पाउडर में कैल्शियम 17 गुना अधिक होता है। इसको एंटी-एजिंग माना जाता है। इसलिए 30 की उम्र के बाद इस सुपरफूड को डाइट में शामिल करना चाहिए। इसका सेवन करने से बोन मास बढ़ने लगता है, यानी की हड्डी मोटाई ठीक हो जाती है।
ऐसे करें सेवन
सहजन के पत्ते और पाउडर को डाइट में शामिल करना बेहद आसान है। वहीं लैक्टोज इनटॉलरेंट और वीगन लोग इसका पराठा बनाकर खा सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट की मानें, इसका रायता बनाकर खा सकते हैं। वहीं सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में मिलाकर इसको पी भी सकते हैं।
प्रेग्नेंट महिला और बच्चे भी करें सेवन
प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों को भी मोरिंगा का सेवन करना चाहिए। इसमें आयरन पाया जाता है, जो इस लोगों के लिए काफी जरूरी होता है। यह आयरन की कमी को पूरा करता है और एनीमिया से बचाता है। वहीं बेहतर काम करने के लिए शरीर को भी खून की बहुत जरूरत होती है।
सब्जियां और सूप
स्टर फ्राई, करी या सूप बनाने के लिए भी मोरिंगा की पत्तियों या फली का उपयोग करें। सर्दियों में मोरिंगा के सूप का सेवन करना विशेष रूप से आरामदायक और पौष्टिक होता है।
चाय
आप हर्बल चाय बनाने के लिए भी मोरिंगा के पत्तों को पानी में उबालें। फिर स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू या शहद मिलाएं।