पाबंदियों से जूझती Afghan महिलाओं को European Union का सहारा, Economic Empowerment के लिए मिले 10 मिलियन डॉलर

By अभिनय आकाश | Jan 28, 2026

सामाजिक और आर्थिक प्रतिबंधों के कारण अफ़गान महिलाओं को रोज़गार पाने में लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में यूरोपीय संघ ने अफ़गानिस्तान में अपने महिला आर्थिक सशक्तिकरण कार्यक्रम 'WE-LEAD' के दूसरे चरण के लिए 10 मिलियन यूरो की धनराशि की घोषणा की है। टोलो न्यूज़ ने यह जानकारी दी है। यूरोपीय संघ ने कहा कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और अफ़गानिस्तान के स्थानीय संस्थानों के साथ साझेदारी में लागू की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य आजीविका को मजबूत करना, आय के अवसर पैदा करना और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। टोलो न्यूज़ के अनुसार, यूरोपीय संघ ने एक बयान में कहा कि "यह परियोजना सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त और शरिया-अनुरूप वित्तीय तंत्रों को बढ़ावा देती है, साथ ही व्यापार विकास सहायता, मार्गदर्शन और बाज़ार संपर्क भी प्रदान करती है।

इसे भी पढ़ें: एक ऐतिहासिक यात्रा का समापन, यूरोपीय अध्यक्ष भारत से रवाना

महिला उद्यमी अस्मा शरीफ़ी ने कहा आज के हालात में, हमारे देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की अहम भूमिका है। कई महिलाओं में अनूठी प्रतिभाएं हैं और उन्हें समर्थन की ज़रूरत है। अगर सरकार या दानदाताओं का सहयोग मिले, तो वे अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। एक अन्य उद्यमी ज़ैनब ने कहा हमारी सबसे बड़ी ज़रूरत निवेश है, ताकि हम थोड़ी सी पूंजी से भी कुछ शुरू कर सकें। एक बार शुरू करने के बाद, सरकारी समर्थन बहुत ज़रूरी हो जाता है, खासकर विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में सहयोग के ज़रिए। टोलो न्यूज़ ने आगे बताया कि यूरोपीय संघ ने यूएनडीपी के साथ एक समझौते को अंतिम रूप दिया है, जिसके तहत WE-LEAD कार्यक्रम के इस चरण को अफ़ग़ानिस्तान के कई पिछड़े प्रांतों में लागू किया जाएगा।

प्रमुख खबरें

महंगे Recharge से राहत! BSNL के Yearly Plans बने पहली पसंद, पाएं 365 दिन तक Daily Data.

Air India पर दोहरी मार! महंगा Fuel और Pakistan का बंद एयरस्पेस, रोजाना 100 उड़ानें हुईं कम।

West Bengal में Suvendu Govt का Action, Annapurna Bhandar के लिए होगी Lakshmi Bhandar लाभार्थियों की जांच

NEET Scam 2024: एक एजेंसी, दो Exam, अलग सिस्टम क्यों? NTA की पेन-पेपर वाली जिद पर उठे सवाल