एयरपोर्ट डील कैंसिल...3 घंटे की भारत यात्रा के बाद UAE ने लिया बड़ा फैसला, भारत के लिए पाक पर की 'स्ट्राइक'!

By अभिनय आकाश | Jan 26, 2026

भारत ने पाकिस्तान को एक ऐसा झटका दिया है कि जनरल मुनीर और शहबाज शरीफ के होश उड़ गए हैं। पाकिस्तान इस्लामिक नाटो और मुस्लिम कार्ड खेलकर नई साजिशें रच रहा था। लेकिन भारत के एक रणनीतिक कदम ने पाकिस्तान को उसी के ही दोस्तों के सामने बेनकाब कर दिया है। और उनसे ही पाकिस्तान को एक तगड़ी मार दिलवाई है।  भारत से जुड़ी कूटनीतिक हलचल के बाद संयुक्त अरब अमीरात यानी कि यूएई ने पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक झटका दे दिया है। यानी कि एमई की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मैनेजमेंट संभालने वाली डील से हाथ खींच लिया है। यह डील अगस्त 2025 में पाकिस्तान सरकार के साथ प्राइवेटाइजेशन फ्रेमवर्क के तहत तय हुई थी। लेकिन अब यूएई इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गया है।

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एक तरफ पाकिस्तान को एयरपोर्ट डील से झटका और दूसरी तरफ भारत के साथ नई पार्टनरशिप। इसे ही कहते हैं साइलेंट लेकिन स्ट्रांग इकोनॉमिक स्ट्राइक। अरब न्यूज़ की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई भारत के साथ रक्षा संबंधों को तेजी से मजबूत कर रहा है। यूएई भारत को $3 अरब डॉलर की गैस सप्लाई करेगा और गुजरात में एक बड़ा इन्वेस्टमेंट ज़ोन डेवलप करेगा। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन नाहयान हाल ही में भारत दौरे पर थे। उनके साथ विदेश और रक्षा मंत्री भी थे। दोनों देशों ने न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के संयुक्त विकास और एक स्ट्रेटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप पर सहमति जताई है। रिपोर्ट्स यह भी कहती है कि यूएई भारत के रिश्ते इजराइली हथियार खरीद सकता है। 

पाकिस्तान-यूएई संबंध

लगभग चार दशक पहले, यूएई पाकिस्तान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक था और प्रेषण का एक प्रमुख स्रोत था, जहां विभिन्न क्षेत्रों में हजारों पाकिस्तानी कामगार कार्यरत थे। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और निवेश परियोजनाओं में भी सहयोग किया। हालांकि, समय के साथ, सुरक्षा मुद्दों, लाइसेंस विवादों और पाकिस्तान के पुराने बुनियादी ढांचे के कारण संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजनीतिक हस्तक्षेप से उपजे कमजोर शासन और कुप्रबंधन के कारण पाकिस्तान के सरकारी उद्यमों को भारी नुकसान हुआ है, जिन्हें बाद में बहुत कम कीमतों पर बेचा जा रहा है। पिछले साल इस्लामाबाद ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) का निजीकरण किया। अफगानिस्तान सहित कठिन परिस्थितियों में हवाई अड्डों के प्रबंधन में यूएई की सिद्ध क्षमता के बावजूद, इस्लामाबाद हवाई अड्डा परियोजना से हटने का उसका निर्णय विश्वास में भारी कमी को दर्शाता है। 

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