By अभिनय आकाश | Jul 22, 2026
दक्षिण चीन सागर में एक बार फिर चीन और फिलीपींस आमने-सामने हैं। लेकिन इस बार मामला सिर्फ समुद्र में जहाजों की भिड़ंत तक सीमित नहीं रहा। दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प अब कूटनीतिक टकराव में बदल चुकी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि चीन और फिलीपींस ने एक दूसरे के राजदूतों को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। फिलीपींस का आरोप है कि चीन के तटरक्षक बल ने उसके नौसैनिक पर हमला किया। जबकि चीन कह रहा है कि पूरी घटना की शुरुआत फिलीपींस ने की। वहीं इस पूरे बवाल के बाद अमेरिका भी खुलकर फिलीपींस के समर्थन में उतर आया है। ऐसे में सवाल है कि आखिर दक्षिण चीन सागर में हुआ क्या? क्यों बार-बार यही इलाका चीन और फिलीपींस के बीच टकराव की वजह बन रहा है? क्या यह विवाद अब और भी खतरनाक मोड़ की ओर बढ़ रहा है?
फिलीपींस ने सवाल उठाया कि चीन तटरक्षक बल की रबर नौका बीआरपी सिरा माद्रे के इतने करीब आखिर पहुंची ही क्यों? फिलीपींस का कहना है कि यह इलाका उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र का हिस्सा है और चीन की मौजूदगी अवैध थी। फिलीपींस के मुताबिक उसकी नौकाओं को केवल चीनी जहाज को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी देने के लिए भेजा गया था ना कि टकराव शुरू करने के लिए। फिलीपींस का आरोप है कि चीन ने बार-बार क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी को नजरअंदाज किया और फिर उसके सैनिक पर हमला किया। फिलीपींस के मुताबिक फिलीपीनी सैनिकों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बर्ता और केवल आत्मरक्षा में जवाब दिया। फिलीपींस ने चीन को साफ तौर पर कहा कि पेशेवर रवय को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। फिलीपींस ने चीन पर दुष्प्रचार फैलाने का भी आरोप लगाया।