370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में बदली सोच, नौकरी पर जाना चाहते हैं युवा: पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य

By अंकित सिंह | Oct 26, 2021

'वर्तमान परिदृश्य में भारत के समक्ष क्या नयी रक्षा-सुरक्षा चुनौतियां खड़ी हुई हैं और उनसे निबटने के लिए कितने तैयार हैं हम' इस विषय पर प्रभासाक्षी की ओर से आयोजित परिचर्चा में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि राज्य में किसी भी परिस्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार है। हाल में ही प्रवासियों को निशाना बनाए जाने को लेकर वैद्य ने कहा कि जिस तरीके से जम्मू कश्मीर में विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिस तरह की इंडस्ट्रियल पॉलिसी यहां लाई जा रही है उसके बाद से यहां के युवाओं में नया उत्साह जगह है। युवा नौकरी में जाना चाहते हैं। आतंकी संगठनों को पत्थरबाजी करने के लिए कोई नहीं मिल रहा है जिसकी वजह से उनमें घबराहट है यही कारण है कि वह आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। 

वैद्य ने कहा कि अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं पाकिस्तान से क्यों बात करू, मैं यहां के युवाओं से बात करूंगा। गृह मंत्री का यह बयान एक नई सोच के तहत है। वह शहीदों के घर गए जो जम्मू कश्मीर पुलिस को एक बड़ा संदेश देने वाला था। कश्मीर के करीब 1600 ऑफिसर और जवानों ने शहादत दी है। कई लोग अब तक घायल हुए हैं। ऐसे में किसी सिपाही के घर होम मिनिस्टर का जाना एक बहुत बड़ा संदेश है। अमित शाह ने सुरक्षाबलों को यह संदेश दिया कि आपके साथ भारत की सरकार और भारत के लोग खड़े हैं। गृह मंत्री ने इंटेलिजेंस एजेंसी और सुरक्षाबलों के बीच तालमेल पर जोर दिया जो कि बिल्कुल सही बात है और इससे लोगों को एक क्लियर संदेश गया है कि भारत के गृह मंत्री के दौरे के बाद जम्मू कश्मीर की स्थिति में बहुत बड़ी तब्दीली आएगी जो आने वाले देखो दिनों में दिखाई भी देगी। 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर पूरी तरह से भारत का हिस्सा है। 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर में सोच बदली है। 

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जम्मू कश्मीर की ताजा चुनौतियों पर बात करते हुए एसपी वैद्य ने कहा कि 1 साल के बीच चुनौतियां जरूर आई है। हाल में ही अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हुआ। वह बहुत बड़ा हमारे लिए चुनौती है। पहले जब अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा था तब जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा आतंकवाद फैला। 2001 और 2002 में सबसे ज्यादा हिंसा थी। उन्होंने कहा कि जो जैस के आतंकी अफगानिस्तान के लिए तालिबान के साथ खड़े हुए, अब वह फ्री हो गए हैं और अब उनका पूरा फोकस कश्मीर पर होगा। पाकिस्तान और आईएसआई का पूरा फोकस कश्मीर पर होगा। इसलिए यह एक बड़ी चुनौती है। अफगानिस्तान में जो अमेरिकी शस्त्र रह गए हैं वह आने वाले दिनों में भारत के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से यह कोशिश होनी चाहिए कि कश्मीर का कोई भी युवा आतंकवादी गतिविधि में शामिल ना हो। उन्होंने कहा कि जब घर में खराबी होती है तभी पड़ोसी फायदा उठाता है। 

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