By रितिका कमठान | May 07, 2025
भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए है। ये हमले पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया गया है। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। ये हमले ऑपरेशन सिंदूर के तहत किये गये।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आतंकवादी हमले के बाद कहा था कि मुझे भारत सरकार पर पूरा भरोसा है और वह अपना काम कर रही है। आज भारत सरकार ने यह कर दिया है। हम उन लोगों को वापस नहीं ला सकते। लेकिन मैंने कहा था कि जवाब ऐसा होना चाहिए कि भविष्य में कोई भी ऐसी कायरतापूर्ण हरकत करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने कहा, "भारत सरकार की कार्रवाई बहुत सही है, उनके 9 ठिकानों पर यह हमला उनके दिमाग में गूंजता रहेगा और वे भविष्य में ऐसा करने के बारे में सोच भी नहीं पाएंगे।"
जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय को निशाना बनाया गया
अधिकारियों ने बताया कि जिन नौ स्थलों को निशाना बनाया गया उनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय शामिल है। दोनों ही पाकिस्तानी पंजाब में हैं। भारत की यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के दो सप्ताह बाद आई है, जिससे भारत और विदेशों में व्यापक आक्रोश फैल गया था। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "ये कदम पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए हैं, जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी।"
इसमें कहा गया, "हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतर रहे हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।" स्ट्राइक के तुरंत बाद 'एक्स' पर हिंदी में लिखे एक पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत माता की जय!" भारतीय सेना ने अपने पोस्ट में कहा, "न्याय हुआ।" भारतीय सैन्य प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान से लगी सीमा पर सभी वायु रक्षा इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है।
सूत्रों ने बताया कि इस अभियान के बाद भारत ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित कई प्रमुख देशों से संपर्क किया और उन्हें पाकिस्तान तथा पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य हमले के बारे में जानकारी दी। एक सूत्र ने बताया, "वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने कई देशों में अपने समकक्षों से बात की है और उन्हें भारत द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है।" यह ऑपरेशन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सशस्त्र बलों को पहलगाम आतंकवादी हमले का जवाब देने की पूरी आजादी दिए जाने के कुछ दिनों बाद किया गया।