By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 03, 2021
लंदन। ओली रॉबिन्सन के लिये इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करते हुए दो विकेट लेने से यह खुशी का दिन होना चाहिए था लेकिन इसके बजाय वह अपने क्रिकेट करियर के सबसे बड़े दिन को गलत कारणों के लिये याद करेंगे। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के शुरुआती दिन का खेल समाप्त होने के तुरंत बाद इस 27 वर्षीय तेज गेंदबाज ने जब 2012 से 2014 तक लिंगभेद और नस्लवाद से जुड़े अपने कई ट्वीट के लिये माफी मांगी तो उनकी आंखें छलछला गयी। रॉबिन्सन को टीम में शामिल किये जाने के बाद सोशल मीडिया पर ये ट्वीट चर्चा का विषय बन गये थे। रॉबिन्सन ने कहा, मुझे अपने कृत्यों पर बेहद खेद है और मैं इस तरह की टिप्पणियां करने पर शर्मसार हूं। उन्होंने पहले आधिकारिक प्रसारक और फिर अन्य मीडिया के लिये यह बयान पढ़ा।
इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के मुख्य कार्यकारी टॉम हैरिसन ने कहा कि उनके पास यह, बयां करने के लिये शब्द नहीं हैं कि मैं इससे कितना निराश हूं कि इंग्लैंड के एक क्रिकेटर ने इस तरह के ट्वीट किये थे। उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति विशेषकर महिला या अश्वेत व्यक्ति इन शब्दों को पढ़ने के बाद क्रिकेट और क्रिकेटरों के लिये जो छवि अपने दिमाग में बनाएगा वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। रॉबिन्सन ने कहा, मैं नहीं चाहता कि आठ साल पहले जो कुछ हुआ उससे मेरे साथियों और ईसीबी के प्रयासों को कम करके आंका जाए क्योंकि उसने व्यापक पहल आौर प्रयासों के साथ सार्थक कार्रवाई जारी रखी है जिसका मैं पूर्ण समर्थन करता हूं।