iPhone के बाद भारत में बनेंगे MacBook और iPad, Ashwini Vaishnaw ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर दिया बड़ा बयान

By Ankit Jaiswal | Aug 23, 2026

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार अब केवल मोबाइल फोन की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती है। मोबाइल फोन विनिर्माण योजना शुरू करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया कि एप्पल भारत में आईफोन के अलावा मैकबुक और आईपैड जैसे दूसरे उत्पादों का निर्माण भी शुरू कर सकती है। उनसे जब इस संभावना को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधा जवाब दिया कि ऐसा हो सकता है।

नई योजना में भारतीय मोबाइल ब्रांडों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक सरकार को उम्मीद है कि अगले 10 से 14 महीनों में तीन संभावित भारतीय स्मार्टफोन कंपनियां वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में आ सकती हैं। इन कंपनियों को अपने लक्षित बाजार के अनुसार बेहतर डिजाइन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, भारतीय ब्रांड को योजना का लाभ लेने के लिए भारत में पंजीकृत कंपनी होना जरूरी होगा। उसका बौद्धिक संपदा अधिकार और व्यापार चिह्न भारत में होना चाहिए। कंपनी का प्रबंधन भारतीय नागरिकों के नियंत्रण में होना और 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी भारतीय नागरिकों की होनी चाहिए। इसके साथ भारत में ही अनुसंधान और डिजाइन की क्षमता विकसित करना भी जरूरी होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि अनुसंधान और विकास के लिए भी अलग प्रोत्साहन रखा गया है। भारतीय ब्रांडों को पांच प्रतिशत का मूल प्रोत्साहन मिलेगा। घरेलू स्तर पर प्रमुख कलपुर्जे खरीदने पर 1.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त लाभ मिल सकता है, जबकि भारतीय डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास के लिए तीन प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।

गौरतलब है कि सरकार मोबाइल फोन के साथ पूरी आपूर्ति श्रृंखला को देश में विकसित करना चाहती है। डिस्प्ले, कैमरा, बाहरी ढांचा, बैटरी और यूएसबी तार जैसे कलपुर्जों की घरेलू खरीद बढ़ाने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।

पिछली उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के दौरान भी भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया है। निवेश 20,587 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि लक्ष्य 7,000 करोड़ रुपये था। मोबाइल उत्पादन करीब 11.62 लाख करोड़ रुपये रहा। मोबाइल फोन निर्यात भी तेजी से बढ़ा है और भारत अब मात्रा के आधार पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर है।

नई योजना के तहत सरकार को पांच वर्षों में करीब 39 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल उत्पादन और लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निर्यात की उम्मीद है। इससे करीब 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इस तरह सरकार की कोशिश अब भारत को केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि डिजाइन, तकनीक और अनुसंधान के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की है।

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