By अभिनय आकाश | Jul 28, 2025
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति पद को दोबारा संभालने के बाद से वो बार बार अलग अलग देशों के ऊपर टैरिफ की वार्निंग देते आए हैं। उनका मानना है कि अमेरिका के साथ लंबे वक्त से अन्याय होता आ रहा है। मतलब अमेरिका उन देशों के ऊपर टैरिफ नहीं लगाता है, लेकिन बाकी के देश अमेरिकी सामान पर टैरिफ लगा देते हैं। ऐसे में ट्रंप की तरफ से कई देशों को टैरिफ लगाने की धमकी दी गई और उसके लिए एक डेडलाइन भी निर्धारित कर दी गई। 1 अगस्त की डेडलाइन में अब गिनती के दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में जिन जिन देशों के साथ अमेरिका की ट्रेड डील अब तक नहीं हुई है, उन पर भारी टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत भी इसकी चपेट में आने वाला है और हो सकता है कि उसके ऊपर 26 % का टैरिफ लगाया जाए। वहीं ट्रंप के द्वारा लगातार अलग अलग देशों के साथ ट्रेड डील किया जा रहा है। लेकिन अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड डील यूरोपियन यूनियन के साथ हुआ है। इससे पहले ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन को धमकी दी थी कि वो उन पर 50 % का टैरिफ लगा सकते हैं।
इस समझौते के तहत अब यूरोपिय संघ अमेरिका से अधिक मात्रा में सैन्य उपकरण खरीदेगा। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में भी ईयू अमेरिका से लगभग 150 अरब डॉलर का एनर्जी खरीदेगा। जिससे अमेरिकी ऊर्जा उद्योग को भारी बढ़ावा मिलने वाला है। ट्रंप के मुताबिक इस डील के अंतर्गत यूरोपिय संघ अमेरिका में 600 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इससे अमेरिका की इकोनॉमी को नई ताकत मिलने की उम्मीद है। डील के बावजूद स्टील और अल्युम्यूनियम पर पहले से लागू शुल्क व्यवस्था बरकरार रखी जाएगी। यानी इन सेक्टरों में फिलहाल कोई छूट नहीं मिलेगी। ट्रंप ने ये भी संकेत दिया कि सेमीकंडक्टर या चिप सेक्टर के लिए अगले दो हफ्तों में सेक्शन 232 के तहत नई नीति घोषित की जाएगी। जो इस इस इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
ट्रंप की तरफ से अब तक न जाने कितनी बार भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर बयान दिया जा चुका है। लेकिन फिर भी ये हकीकत में नहीं बदला है। ब्लूमबर्ग टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में देश के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि भारत पर 26 परसेंट टैरिफ का खतरा टल जाएगा और भारत अमेरिका के साथ एक समझौते पर पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया था कि अमेरिका-भारत के बीच व्यापार वार्ता में कोई अड़चन नहीं है। हालांकि, उनके ऐसा कहने के बावजूद अब लोकल मीडिया के मुताबिक, 1 अगस्त से पहले किसी अंतरिम समझौते की संभावना कम हो गई है।