By अंकित सिंह | Dec 27, 2023
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भी समारोह में कोई प्रतिनिधि भेजने की संभावना नहीं है। हालांकि टीएमसी ने आधिकारिक तौर पर अपने फैसले की घोषणा नहीं की है, लेकिन बनर्जी के करीबी पार्टी सूत्रों ने माना कि पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा के राजनीतिक आख्यान में शामिल होने से सावधान है। उनका मानना है कि भाजपा अपने 2024 के लोकसभा अभियान के लिए राम मंदिर उद्घाटन को एक स्प्रिंगबोर्ड के रूप में उपयोग करना चाह रही है, और टीएमसी दूसरी भूमिका निभाने के लिए तैयार नहीं है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को अगले महीने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या जाने के लिए निमंत्रण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि शिवसेना का उत्तर प्रदेश के इस शहर से पुराना नाता है। राउत ने दावा किया कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 1992 में बाबरी मस्जिद गिराने के लिए शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया था तो शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने इसकी जिम्मेदार ली थी।