By अभिनय आकाश | Aug 19, 2025
अमेरिका के अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करते ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को फोन मिलाया। डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद पुतिन का किसी नेता को पहला फोन कॉल था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात ये है कि ट्रंप से मुलाकात से पहले भी पुतिन ने पीएम मोदी से बात की थी। जिस वक्त जेलेंस्की समेत नाटो देशों के कई नेता डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाशिंगटन पहुंचे, ठीक उसी वक्त व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को फोन मिलाया। पुतिन की पीएम मोदी को फोन कॉल के बाद लग रहा है कि कुछ बड़ा खेल होने वाला है। जिसमें भारत का रोल बहुत बड़ा होगा।
व्यापार अनिश्चितताओं के बीच, भारत और अमेरिका इस महीने अलास्का में एक संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी, जो आधारभूत रक्षा समझौतों पर आधारित है, द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह मज़बूत सहयोग सभी क्षेत्रों में मज़बूत हुआ है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अमेरिकी रक्षा नीति दल अगस्त के मध्य में दिल्ली में होगा। संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास का 21वां संस्करण भी इसी महीने के अंत में अलास्का में आयोजित होने की उम्मीद है। दोनों पक्ष महीने के अंत में कार्यकारी स्तर पर 2+2 अंतर-सत्रीय बैठक आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फोन कर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई हालिया मुलाकात की जानकारी दी। मोदी ने पूतिन से बातचीत के जरिए यूक्रेन जंग का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की बात कही। यह भी कहा कि भारत इस संबंध में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। अमेरिका के अलास्का में बीते शुक्रवार को पूतिन-ट्रंप की इस बातचीत में यूक्रेन जंग रोकने पर कोई ठोस सहमति नहीं बनी थी। मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत से यह विवाद सुलझाने का पक्षधर रहा है। वहीं, ट्रंप-जेलेंस्की की मीटिंग का मकसद यूक्रेन-रूस जंग को रोकना है।