ताई’ के बाद ‘भाई’ ने भी किया लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 17, 2019

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार सुबह चौंकाने वाली घोषणा की कि वह आम चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद भाजपा के इस 30 साल पुराने गढ़ के भावी चुनावी चेहरे को लेकर कयासों का दौर तेज हो गया है। विजयवर्गीय ने ट्विटर पर कहा,‘‘इंदौर की जनता, कार्यकर्ताओं व देश भर के शुभचिंतकों की इच्छा है कि मैं लोकसभा चुनाव लड़ूं,पर हम सभी की प्राथमिकता समर्थ और समृद्ध भारत के लिये नरेंद्र मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाना है। पश्चिम बंगाल की जनता मोदी जी के साथ खड़ी है। बंगाल में रहना मेरा कर्तव्य है। अतः मैंने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों में ‘भाई’ के नाम से मशहूर विजयवर्गीय ने इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पंकज संघवी का नाम घोषित होने के तकरीबन 12 घंटे बाद खुद को चुनावी टिकट की दावेदारी से अलग किया। इस बीच, विजयवर्गीय की चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा पर कांग्रेस ने निशाना साधा है।

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इस बीच, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने द वीक पत्रिका को दिये साक्षात्कार में कहा कि यह उनकी पार्टी का फैसला है कि 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को लोकसभा चुनावों का टिकट नहीं दिया जायेगा। शाह ने इस साक्षात्कार में हालांकि महाजन का नाम नहीं लिया था। लेकिन 12 अप्रैल को उम्र के 76वें वर्ष में दाखिल होने से हफ्ता भर पहले ही महाजन ने मौके की नजाकत भांपते हुए पांच अप्रैल को खुद घोषणा कर दी थी कि वह आसन्न लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। भाजपा ने इंदौर सीट से अपना प्रत्याशी अब तक घोषित नहीं किया है। इंदौर सीट से भाजपा के चुनावी टिकट के दावेदारों के रूप में शहर की महापौर व पार्टी की स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, भाजपा के अन्य विधायक-रमेश मैंदोला,पूर्व लोकसभा सांसद कृष्णमुरारी मोघे और इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन शंकर लालवानी के नाम भी चर्चा में बने हैं। 

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