मोदी सरकार की नीतियों से बदली खेती की तस्वीर, शिवराज ने लोकसभा में गिनाईं उपलब्धियां

By अंकित सिंह | Jul 29, 2025

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कृषि उत्पादकता बढ़ाने और फल, फूल, सब्ज़ियाँ, डेयरी, मछली पालन और पशुपालन सहित विविध कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए, चौहान ने कहा कि हमने उत्पादन बढ़ाया, लागत कम की, बेहतर मूल्य सुनिश्चित किए, नुकसान की भरपाई की और विविध कृषि को बढ़ावा दिया। सिर्फ़ एक फ़सल की खेती नहीं, बल्कि फल, फूल, सब्ज़ियाँ, डेयरी, कृषि, मछली पालन और पशुपालन की खेती। हमने कई अलग-अलग चीज़ें आज़माई हैं।

चौहान ने किसानों के लिए प्रमुख वित्तीय सहायता योजनाओं का भी ज़िक्र किया, जिनमें पीएम-किसान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए बढ़ी हुई धनराशि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि शामिल है। साथ ही, उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए यूरिया और डीएपी पर सब्सिडी पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान के तहत, 10 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि हम किसानों की आय दोगुनी कर रहे हैं। इसके लिए MSP भी बढ़ा रहे हैं, रिकॉर्ड खरीदी भी कर रहे हैं और किसान क्रेडिट कार्ड पर सस्ता ऋण भी उपलब्ध करा रहे हैं।

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में केसीसी की धनराशि 7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर भाजपा के शासनकाल में 25 लाख करोड़ रुपये हो गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने 35,000 करोड़ रुपये के प्रीमियम के बदले 1.43 लाख करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया। एमएसपी में अब उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ शामिल है, जिसे कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान खारिज कर दिया था। यूरिया और डीएपी सब्सिडी ने किसानों की आय को और बढ़ाया है।

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भाजपा नेता ने कहा कि पूर्व की फसल बीमा योजना किसान हितैषी नहीं थी, उसमें अनेक परिवर्तन करने का काम हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यदि बीमा कंपनी किसान का क्लेम निर्धारित तिथि से 21 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करती है, तो उसे 12% ब्याज सहित भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि कई बार राज्य सरकार के शेयर आने में देरी होती है, कुछ सरकार तो ऐसी हुईं, जिन्होंने कह दिया कि हम शेयर देंगे और दिया ही नहीं, अब हमने तय कर दिया है कि राज्य सरकार अपना शेयर दे या न दे, केंद्र सरकार अपना शेयर जरूर डालेगी।

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