By एकता | Sep 27, 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तेजी से बढ़ती ताकत और इसके संभावित खतरनाक परिणामों को लेकर दुनिया भर में एक बार फिर बड़ी बहस शुरू हो गई है। इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने एआई को लेकर एक चेतावनी दी है। बिल गेट्स ने कहा है कि एआई की तकनीक इतनी ताकतवर हो सकती है कि इससे ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है, जिनमें अरबों लोगों की मौत तक हो सकती है।
गेट्स ने कहा कि कोई भी यह नहीं मानता कि कंपनियां खुद अपने स्तर पर नियम बना सकती हैं। ऐसे में राजनेताओं और कानून बनाने वालों को आगे आना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका में इसे लेकर कानून बनाया जाना चाहिए, तो उन्होंने सीधे कहा, “बिल्कुल।”
बिल गेट्स के अनुसार, सुरक्षा उपायों और निगरानी पर चर्चा के लिए राजनेताओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को शामिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग जगत पर कुछ प्रशासनिक बोझ जरूर बढ़ सकता है, लेकिन इससे उनके काम की रफ्तार में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी।
गेट्स ने अमेरिकियों से अपील की कि वे एआई से जुड़े इन खतरों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
सिलिकॉन वैली में एआई के जोखिमों को लेकर यह नया विवाद तब शुरू हुआ, जब एंथ्रोपिक कंपनी के कर्मचारी जैकब कॉक्सन ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपनी पूर्व नियोक्ता कंपनियों एंथ्रोपिक और ओपनएआई पर आरोप लगाया कि वे सुपर-इंटेलिजेंट एआई की दौड़ में जल्दबाजी कर रही हैं और इस प्रक्रिया में लोगों की जिंदगियों के साथ जुआ खेल रही हैं।
इसके बाद एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक डारियो अमोदेई ने अपने ब्लॉग में एआई कंपनियों से मॉडलों के विकास की गति को धीमा करने की अपील की। उन्होंने ‘रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट’ को लेकर चिंता जताई। अमोदेई ने एआई के विकास के लिए तीन-सूत्रीय समाधान अपनाने का सुझाव दिया। इसमें बाहरी मूल्यांकनकर्ताओं की निगरानी, तय सुरक्षा नियम और लोकतांत्रिक व सत्तावादी देशों के बीच आपसी सहयोग शामिल है।