By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 21, 2026
कृत्रिम मेधा (एआई) मानव संसाधन (एचआर) प्रबंधन में तेजी से केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। एक सर्वेक्षण आधारित रिपोर्ट के अनुसार, 60 प्रतिशत पेशेवरों का मानना है कि एआई अब एचआर के सभी कामकाज में एक प्रमुख प्राथमिकता वाला क्षेत्र बन गया है, जबकि 15 प्रतिशत ने भर्ती और नए कर्मचारियों को कार्य में शामिल करने जैसे क्षेत्रों में इसके बढ़ते महत्व की बात कही है। यह जानकारी ‘एआई ऐज द न्यू एचआर प्रायोरिटी—एफिशिएंसी, कॉस्ट एंड वर्कफोर्स इम्पैक्ट’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में सामने आई है, जो सात मई से 31 मई के बीच 1,811 एचआर पेशेवरों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है।
42 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि इससे एचआर प्रक्रियाओं की गति और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जबकि 29 प्रतिशत ने मध्यम स्तर के लाभ बताए। इससे भर्ती, नव नियुक्त कर्मचारियों को कार्य में शामिल करने की प्रक्रिया और कर्मचारी सेवाएं अधिक तेज और सरल हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षता के अलावा, एआई कार्यबल संरचना को भी प्रभावित कर रहा है। 42 प्रतिशत पेशेवरों का मानना है कि इससे दोहराव वाले कार्यों पर निर्भरता कम हो रही है, जबकि 37 प्रतिशत ने कहा कि यह अधिक बुद्धिमान कार्यबल नियोजन को संभव बना रहा है।