By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 05, 2026
नयी दिल्ली, पांच अगस्त अखिल भारतीय चीनी कारोबार संघ (एआईएसटीए) ने बुधवार को सरकार से कोलकाता और आसपास के इलाकों में डीलरों के लिए चीनी स्टॉक की सीमा मौजूदा 400 टन से बढ़ाकर 1,000 टन करने का आग्रह किया। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि कम सीमा के कारण त्योहारों के मौसम से पहले आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोकने के लिए सरकार ने 28 जुलाई को देश भर में चीनी डीलरों पर 400 टन की एक समान स्टॉक सीमा लागू की थी।
एक रेक में लगभग 2,700 टन चीनी होती है। विठलानी ने कहा, ‘‘डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा तय करने से स्थानीय व्यापारियों के लिए रेक से आए माल को कुशलतापूर्वक खाली करना और स्टोर करना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे लॉजिस्टिक्स में गंभीर रुकावटें आ सकती हैं।’’ एआईएसटीए ने कहा कि कोलकाता पूरे पश्चिम बंगाल में चीनी की आपूर्ति के लिए मुख्य वितरण केंद्र का काम करता है, जबकि गुवाहाटी सात पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यही भूमिका निभाता है। व्यापार निकाय ने कहा कि उसने पिछले सप्ताह दो बार केंद्र सरकार से कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों के लिए स्टॉक सीमा को 1,000 टन करने का अनुरोध किया था, ताकि आने वाले त्योहारों के मौसम में चीनी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
निकाय ने कहा कि वह देश भर में चीनी की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।