Mumbai कोर्ट का बड़ा फैसला, MSC Bank Scam में डिप्टी सीएम दिवंगत Ajit Pawar और पत्नी को मिली Clean Chit

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 28, 2026

महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले मामले में दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, मुंबई की एक विशेष अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की उस रिपोर्ट को माना है, जिसमें महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (शिखर बैंक) में लोन बांटते समय करीब 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को क्लीन चिट मिली है। कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी देकर कहा कि मामले में कोई भी सजा लायक अपराध साबित हुआ नहीं है।

कई लोगों को क्लिन चिट मिली

मुंबई के विशेष अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा 5,000 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) मामले में दायर की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया है, जिसके बाद से दिवंगत उपमुख्यमंत्री और उनकी पत्नी सुनेत्रा समेत अन्य 70 से अधिक लोगों को क्लीन चिट दी है।

कोई आपराधिक अपराध नहीं बनता

कोर्ट ने कहा है कि सहकारी चीनी कारखानों से जुड़े कथित लोन और वसूली अनियमितताओं में कोई आपराधिक अपराध नहीं बनता है। इस आदेश में ईओडब्ल्यू के इस निष्कर्ष का समर्थन किया है अजित पवार, सुनेत्रा पवार, उनके रिश्तेदारों और अन्य लोगों को इस संस्था से संबंधित लेन-देन में कोई आपराधिक अपराध नहीं था। 

यह मामला 2019 में तब शुरू हुआ था जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने एमएससीबी और जिला सहकारी बैंकों के खिलाफ लगे आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। आरोप है कि इन बैंकों ने चीनी मिलों को ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किए, जिससे बैंक अधिकारियों और राजनेताओं से जुड़े व्यक्तियों के लिए विशेष ऋण खाते बनाए जा सकें। इसके अलावा, यह भी आरोप है कि बाद में कंपनियों ने अपनी इकाईयों की संपत्तियों को असाधारण रूप से कम कीमतों पर बेच दिया।

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