By Ankit Jaiswal | Jun 23, 2026
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अकासा एयर ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। एयरलाइन का कहना है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उसके विस्तार कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना है।
बता दें कि अकासा एयर ने वर्ष 2022 में परिचालन शुरू किया था और बहुत कम समय में भारतीय विमानन क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एयरलाइन के बेड़े में इस समय 39 बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल हैं। इनमें से लगभग 25 प्रतिशत क्षमता अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर तैनात की गई है।
कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अकासा एयर की परिचालन आय में 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं उपलब्ध सीट किलोमीटर यानी क्षमता के पैमाने पर भी कंपनी ने 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब विमानन उद्योग को बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर वैश्विक विमानन उद्योग पर भी देखा गया है। कई एयरलाइनों को ईंधन की बढ़ती कीमतों और कुछ हवाई मार्गों में बदलाव के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है। कुछ कंपनियों ने अस्थायी रूप से उड़ानों की संख्या में कटौती भी की है। हालांकि अकासा एयर का कहना है कि उसकी विकास योजनाएं पूरी तरह पटरी पर हैं।
अंकुर गोयल ने यह भी बताया कि कंपनी अगले चार से पांच वर्षों के दौरान हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता वृद्धि का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में विमानन क्षेत्र में बड़े अवसर उपलब्ध होंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अकासा एयर वर्तमान में देश के 27 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ रही है। कंपनी लगातार नए मार्गों और नए विमानों को अपने नेटवर्क में शामिल करने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एयरलाइन अपनी मौजूदा वृद्धि दर बनाए रखने में सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय विमानन बाजार की प्रमुख कंपनियों में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकती हैं।