By Ankit Jaiswal | Oct 13, 2026
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। कंपनी के शेयर बाजार में उतरने से पहले ही उसे 20 अरब डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई है। जानकार लोगों के मुताबिक, यह आईपीओ भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक शेयर निर्गम बन सकता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित बाजार कीमत को लेकर भी चर्चा जारी है। पहले कंपनी का मूल्यांकन 170 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब कंपनी करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी 108 अरब डॉलर तक के मूल्यांकन का लक्ष्य रख रही है। यह अंतर दिखाता है कि कंपनी के शेयरों की कीमत तय करने में निवेशकों की राय और बाजार की परिस्थितियां अहम भूमिका निभा सकती हैं।
इस बड़े सौदे की जिम्मेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे और जियो प्लेटफॉर्म्स के 34 वर्षीय प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी संभाल रहे हैं। बीते कुछ हफ्तों में उन्होंने हांगकांग, लंदन और न्यूयॉर्क में निवेशकों के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों में निवेशकों ने कंपनी के प्रस्तावित मूल्यांकन के साथ-साथ उसके डिजिटल कारोबार से कमाई करने की योजनाओं पर भी सवाल पूछे।
निवेशकों की दिलचस्पी का एक बड़ा कारण जियो प्लेटफॉर्म्स का दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं में व्यापक कारोबार है। कंपनी की सेवाओं का इस्तेमाल बड़ी संख्या में भारतीय ग्राहक करते हैं। ऐसे में निवेशक यह समझना चाहते हैं कि कंपनी अपने डिजिटल मंचों से आने वाले समय में कितनी कमाई कर सकती है और उसकी विकास योजनाएं किस तरह आगे बढ़ेंगी।
बता दें कि आईपीओ में निवेशकों की रुचि दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि कंपनी को उतनी ही रकम का निवेश मिल जाएगा। अंतिम मांग, शेयरों की कीमत और निवेशकों की भागीदारी निर्गम की शर्तों पर निर्भर करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज और फिडेलिटी ने इस मामले पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया, जबकि एलियांज और कैपिटल ग्रुप ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का अंतिम मूल्यांकन कितना तय होता है और भारत के संभावित सबसे बड़े आईपीओ में निवेशकों की भागीदारी कैसी रहती है।