By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 26, 2019
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरे के कामों का फीता काटने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि जनता उनका पत्ता काटने के लिए तैयार बैठी है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी सरकार के समय लोकभवन का निर्माण और लोकार्पण हुआ। लोकभवन से लोक प्रशासन चलता है और जनसेवा की नीतियां बनती है। सुशासन का संदेश यहां से जाता है। लेकिन यहां ढाई वर्ष से ऐसा दल सत्तारूढ़ है जिसे जनसेवा से कोई लेना-देना नहीं है। दूसरे के कामों का फीता काटने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि जनता उनका पत्ता काटने के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में लोकभवन से अन्यायपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं और निर्दोषों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार जनता को दुःख-दर्द पहुंचाती है, लोकतंत्र में जनता भी समय आने पर अपना निर्णय करने में झिझकती नहीं।
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उन्होंने कहा कि सुशासन, विकास और सबके विश्वास की बातें तो भाजपा नेता बढ़ चढ़कर करते है पर सच्चाई यह है कि भाजपा में सेवा का संस्कार ही नहीं है। हर व्यक्ति मुश्किल में फंसा है। सुशासन का अर्थ तो सरकारी दखल कम होने का है लेकिन यहां तो दमन के सहारे सत्ता चलाई जा रही है। भाजपा खुद ही जनता के लिए समस्या बन गई है। अखिलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया है कि भारत अभूतपूर्व उपलब्धियों के साथ और आत्मविश्वास से भरा हुआ सन् 2020 में प्रवेश कर रहा है। लेकिन अर्थव्यवस्था मंदी से घिरी है, किसानों की आत्महत्या थम नहीं रही है। उन्होंने कहा कि इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी हो जायेगी। मंहगाई चरम पर है और बेरोजगारी भी बेलगाम है। सपा नेता ने कहा कि भारत की जनता ने भाजपा की यह चुनौती स्वीकार कर ली है। अब उत्तर प्रदेश की जनता की भी चुनौती है कि वह भाजपा के धोखा का जवाब देगी और उसके साथ किए गए छल को चुनौती देगी।