अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर आरोप, भाजपा के फरमान पर यादव और मुसलमानों के वोट किए गए कम

By अंकित सिंह | Sep 29, 2022

समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन चल रहा है। अखिलेश यादव एक बार फिर से निर्विरोध रूप से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। यह तीसरा मौका है जब उन्हें अध्यक्ष चुना गया है। इस बात की घोषणा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और चुनाव अधिकारी रामगोपाल यादव ने की। पहली बार अखिलेश यादव 2017 में आपात राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव की जगह पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। यह वही दौर था जब शिवपाल यादव के साथ उनका गतिरोध चरम पर था। पार्टी के झंडे और चुनाव निशान को लेकर भी अदालती लड़ाई चल रही थी। कोर्ट की ओर से अखिलेश यादव के पक्ष में पास आया था। तब से अखिलेश यादव लगातार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बने हुए हैं।  

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार लोगों द्वारा नहीं बनाई गई है, यहां तक ​​कि लोगों को भी विश्वास नहीं है कि उन्होंने (भाजपा) फिर से सरकार कैसे बनाई। उन्होंने और उनकी मशीनरी ने समाजवादी पार्टी से सरकार छीन ली क्योंकि उन्हें पता था कि अगर वे यूपी में सत्ता खो देंगे तो वे दिल्ली में सत्ता खो देंगे। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह राशन मुक्त कर दिया है क्योंकि कुछ राज्यों में चुनाव आ रहे हैं। वे राशन मुक्त कर सकते हैं लेकिन गांवों में गरीब लोगों को स्ट्रेचर या एम्बुलेंस नहीं दे सकते जबकि वे बड़े कारोबारियों को बड़ा लाभ देते हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि यह सरकार जानबूझ कर सरकारी व्यवस्थाओं को ध्वस्त करना चाहती है जिससे यह भी प्राइवेट हाथों में बांट दें... आज रोज़गार, नौकरी का संकट है। संविधान में हमें जो अधिकार मिले हैं यह सरकार उसमें छेड़छाड़ कर हमारे बहुजन समाज को पीछे करना चाहती है।

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