By एकता | Jun 21, 2026
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर दान घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को सचेत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एसआईटी सावधान रहे... कहीं जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। फिर वे कहेंगे, 15 दिन और इंतजार कीजिए।" सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार असल में सबूतों को छिपाने के लिए जांच का समय आगे बढ़ा रही है।
इस मामले में शनिवार को एसआईटी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारी लव कुश मिश्रा को हिरासत में ले लिया है। जांच के दौरान जब रुदौली के मीनापुर फगौली गांव में स्थित उसके घर पर छापेमारी की गई, तो वहां से करीब 10 लाख रुपये कैश बरामद हुए। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी ने कुछ रकम अलमारी में रखी थी, तो कुछ नकदी को घर के बाहर गोबर के ढेर में दबाकर छिपाया हुआ था। फिलहाल पैसों के सोर्स को लेकर पूछताछ जारी है।
इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया था कि एसआईटी जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। सीएम योगी ने कहा, "राम मंदिर के लिए देश ने 500 सालों का लंबा इंतजार किया है, तो इस जांच के लिए लोग 15 दिन और इंतजार कर लें।" इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाते थे और 'जय श्री राम' बोलने पर लाठियां भांजते थे, वे आज हमें उपदेश दे रहे हैं। सीएम ने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई भी सबूत हो, तो वह सीधे एसआईटी को सौंप सकता है। सीएम के इसी बयान पर यादव ने तंज कसा।