By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 05, 2026
लखनऊ, पांच अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान में विलंब पर 15 प्रतिशत ब्याज के बजाय 12 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी किए जा रहे रिकवरी प्रमाण पत्र को गंभीरता से लिया है। अदालत ने दो दिसंबर, 2021 के बाद इस तरह का प्रमाण पत्र जारी करने वाले गन्ना आयुक्त से इस संबंध में विवरण मांगा है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह द्वारा 2006 में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 31 अगस्त निर्धारित की।