By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राजधानी के 88 गांवों में बढ़ते जल संकट का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पानी जीवन की बुनियादी जरूरत है और इस संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक और तत्काल, दोनों स्तरों पर ठोस उपाय किए जाने की आवश्यकता है। अदालत ने अधिकारियों को प्रस्तावित पांच जल शोधन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा इस उद्देश्य के लिए चिह्नित 30 झीलों को पुनर्जीवित करने के संबंध में जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया।
हालांकि, राज्य सरकार से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी अभी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी) द्वारा संयंत्र का निर्माण किया जाएगा। अदालत को यह भी बताया गया कि बाकी चार जल शोधन संयंत्र के लिए अभी तक जमीन आवंटित नहीं की गई है।
इस पर अदालत ने जिलाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।