By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
लखनऊ, नौ सितंबर सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को उजागर करने वाले पत्रकार के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि पत्रकार द्वारा स्कूल की कमियों को उजागर किए जाने के बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई जो प्रथम दृष्टया प्रतिशोधात्मक कार्रवाई प्रतीत होती है। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि पत्रकार द्वारा सरकारी विद्यालय की कमियों को उजागर करने के बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना ‘आईना दिखाने वाले को ही दोषी ठहराने’ जैसा है।
याची की ओर से दलील दी गई कि वह पत्रकार के रूप में पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बेगरिया मऊ, गोसाईंगंज, लखनऊ गया था, जहां स्कूल के शौचालय बदहाल स्थिति में थे व छात्रों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी नहीं थी। इस विषय पर उसने कुछ शिक्षकों के साक्षात्कार भी लिए थे। रिपोर्टिंग के चार दिन बाद 24 अगस्त को उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।