By अंकित सिंह | Jan 07, 2026
मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन (एसआर) के बाद प्रकाशित मसौदा मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस की असम इकाई ने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसमें असम प्रदेश महिला कांग्रेस (एपीएमसी) और असम प्रदेश युवा कांग्रेस (एपीवाईसी) के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शामिल थे। मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए और "वोट चोरी" के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा चुनावों से पहले किए गए विशेष संशोधन के बाद 30 दिसंबर को प्रकाशित राज्य की एकीकृत मसौदा मतदाता सूची के अनुसार असम में मतदाताओं की संख्या में 1.35% की वृद्धि दर्ज की गई है। असम कांग्रेस की गुवाहाटी नगर समिति ने सचिवालय परिसर के पास धरना प्रदर्शन आयोजित किया। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिव प्रद्युत भुयान ने पत्रकारों से कहा, “मतदाता सूची में अनियमितताएं भाजपा को असम में सत्ता में वापस लाने में मदद करने के लिए की जा रही हैं। चुनाव आयोग केवल भाजपा के लिए काम कर रहा है। वोट चोरों को सत्ता से हटना होगा। हम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा वोट चोरी के माध्यम से सत्ता में वापसी के प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं।”
पुलिस ने विपक्षी दल के कार्यालय वाले मानवेंद्र शर्मा कॉम्प्लेक्स को बैरिकेड लगाकर घेर लिया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अंततः बैरिकेड तोड़कर सड़क पर आ गए। कुछ देर नारे लगाने और प्रदर्शन करने के बाद वे कॉम्प्लेक्स के अंदर चले गए और आंदोलन समाप्त कर दिया। विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह मतदाता सूची का मसौदा है, और आमतौर पर मसौदे में कुछ गलतियाँ रह जाती हैं। मुझे नहीं लगता कि अंतिम सूची में कोई गलती होगी। मसौदे में नामों का दोहराव या पड़ोसियों के नाम एक ही पते पर दर्ज होना दिखाई देता है, लेकिन ये सभी गलतियाँ आमतौर पर अंतिम सूची में ठीक कर दी जाती हैं।” अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।