By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 28, 2026
इस बार अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता के साथ पर्यावरण की विशेष ख्याल रखने की चिंता की जा रही है। उद्देश्य है कि यात्रा मार्ग के प्राकृतिक सौंदर्य को कचरे का ग्रहण न लगे। आपको बता दें कि, बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से पवित्र गुफा तक पॉलीथिन बैग, थर्माकोल व सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाएगी।
डेढ़ लाख कपड़े के थैले तैयार
अगर कोई श्रद्धालु पॉलीथिन का बैग लेकर आता है, तो उसे आधार शिविर से आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे श्रद्धालुओं को मुफ्त में कपड़े का थैला दिया जाएगा।
दोनों आधार शिविरों में करीब डेढ़ लाख कपड़े के थैले पहले से रखे गए हैं। इसके अलावा, भंडारा चलाने वाले संगठनों और यात्रा मार्ग की दुकानों को भी खाने-पीने के लिए सिर्फ स्टील की प्लेट और गिलास का इस्तेमाल करना होगा।
स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर
इतना ही नहीं, प्लास्टिक के गिलास के प्रयोग पर भारी जुर्माने का प्रविधान किया गया है। एक ही लक्ष्य है कि बाबा बर्फानी की यात्रा को पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जाए। इस बीच, कचरा प्रबंधन की भी व्यवस्था कर ली गई है। श्री बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी इंदौर के गैर सरकारी संगठन "स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट" को सौंपी है।
इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर का ग्रामीण स्वच्छता विभाग भी कड़ी निगरानी करेगा। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए चार हजार कर्मचारी तैनात करेगा और 623 कर्मचारी कचरा प्रबंधन देखेंगे।
वहीं, पिछले साल की यात्रा पर लगभग 450 टन कचरा एकत्र हुआ था और इस बार 15 प्रतिशत कम कचरा करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही यात्रा के मार्ग पर लगभग 5 हजार शौचालय व स्नानघर तैयार किए गए हैं।