By मिताली जैन | Sep 11, 2026
एक समस्या जो अधिकतर लोगों को परेशान करती है, वह है गर्दन का कालापन। अक्सर अपने चेहरे की रंगत निखारने के लिए हम कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन गर्दन की तरफ शायद ही ध्यान जाता है। समय के साथ गर्दन काली नजर आने लगती है। ऐसे में कई महिलाएं गर्दन को बार-बार रगड़कर साफ करती हैं, नींबू लगाती हैं या किसी तेज असर वाली क्रीम की तलाश में रहती हैं। लेकिन हर तरह के कालेपन का कारण एक जैसा नहीं होता और इसलिए हर किसी पर एक ही उपाय काम करे, यह जरूरी नहीं है।
जिस तरह हम चेहरे पर सनस्क्रीन लगाते हैं, ठीक उसी तरह गर्दन पर भी रोज सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। दरअसल, धूप त्वचा में रंग बनाने वाले तत्व को बढ़ा सकती है, जिससे पहले से मौजूद काले धब्बे और ज्यादा गहरे नजर आ सकते हैं। ऐसे में धूप से बचाव करने से आगे होने वाली रंगत की समस्या को रोकने और मौजूदा कालेपन को धीरे-धीरे हल्का करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सनस्क्रीन हमेशा अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही चुनें।
कई लोगों को लगता है कि गर्दन का कालापन गंदगी की वजह से है, इसलिए वे अक्सर स्किन को बहुत जोर से रगड़ते हैं। लेकिन ऐसा करना समस्या को और बढ़ा सकता है। इससे स्किन में जलन और सूजन हो सकती है। इसके बाद त्वचा पर और ज्यादा रंगत दिखाई दे सकती है। हमेशा नहाते समय गर्दन को हल्के हाथ से साफ करें। मुलायम कपड़े से भी जोर लगाकर रगड़ने की जरूरत नहीं है।
अगर गर्दन पर हल्की रंगत असमान है तो ऐसे में नायसिनामाइड बेस्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरसअल, नायसिनामाइड विटामिन बी3 का एक रूप है। जिसका इस्तेमाल असमान रंगत और त्वचा की बनावट को बेहतर करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इससे एक ही बार में रिजल्ट मिलने की उम्मीद ना करें। हमेशा पहली बार लगाने से पहले गर्दन के एक छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर जलन या लालिमा नहीं होती, तभी इसे नियमित देखभाल में शामिल करें।
गर्दन का कालापन जल्दी दूर करने के चक्कर में आप कुछ गलतियों को करने से बचें-
नींबू सीधे गर्दन पर न लगाएं।
बेकिंग सोडा से त्वचा न रगड़ें।
रोज स्क्रब न करें।
नहाते समय गर्दन को जोर से न घिसें।
एक साथ कई तेज उत्पाद इस्तेमाल न करें।
जलन होने के बाद भी कोई उत्पाद लगाते न रहें।
बिना वजह रंग गोरा करने वाली तेज क्रीम न लगाएं।
- मिताली जैन