Famous Temple: Himachal के Chamunda Devi Temple का अद्भुत रहस्य, सपने में आकर मां ने खुद बताई थी जगह

By अनन्या मिश्रा | Apr 04, 2026

हिमाचल प्रदेश में स्थित चामुंडा देवी मंदिर प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है। चामुंडा देवी मंदिर पालमपुर से करीब 19 किमी दूर है। यह मंदिर अटूट आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम है। चामुंडा देवी मंदिर से कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एक अत्यंत प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जो माता चामुंडा को समर्पित है। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता से घिरा है। मां चामुंडा के दर्शन के लिए हर रोज हजारों की संख्या में भक्त मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको चामुंडा देवी मंदिर की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।

इस प्राकृतिक गुफा में नंदीकेश्वर महादेव का शिवलिंग है, जिसके दर्शन मात्र के भक्त दूर-दूर से आते हैं। इसलिए इस मंदिर को चामुंडा नंदीकेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है। वहीं मंदिर के दोनों ओर भैरव जी और हनुमान जी की प्रतिमा बनी है। माना जाता है कि यह दोनों देवी चामुंडा के प्रतिनिधि हैं।

यहां नहीं था चामुंडा देवी का मंदिर 

बता दें कि यह मंदिर धौलाधार पर्वत श्रृंखला पर 16 किमी ऊंची चढ़ाई पर था। जहां पहुंच पाना काफी मुश्किल था। भक्तों की इस मुश्किल को हल करने के लिए राजा और एक पुजारी ने देवी मां से प्रार्थना की कि वह मंदिर को आसानी से पहुंच सकने वाली जगह पर स्थापित किए जाने की अनुमति दें।

तब पंडित के सपने में देवी मां ने अपनी सहमति दी। उन्होंने पुजारी को वर्तमान स्थल पर खुदाई करके मूर्ति निकालने का निर्देश दिया। फिर पुजारी ने यह बात राजा को बताया। खुदाई किए जाने पर वहां देवी की मूर्ति मिली। लेकिन राजा के सिपाही इस मूर्ति को उठा न सके। जिसके बाद देवी पंडित के सपने में फिर से प्रकट हुईं और निर्देश दिया कि वह खुद जाकर उस मूर्ति की स्थापना करें। इस तरह से वर्तमान जगह पर चामुंडा मंदिर स्थापित हुआ।

पौराणिक कथा

माना जाता है कि हजारों साल पहले चण्ड और मुण्ड नामक दो शक्तिशाली राक्षस थे, जो इस क्षेत्र में आतंक मचा रहे थे। तब देवी ने काली रूप लेकर भीषण युद्ध में दोनों राक्षसों का वध कर दिया था। इसी वजह से देवी के इस स्वरूप को चामुंडा के नाम से पूजा जाता है। 

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