By Ankit Jaiswal | Jun 10, 2026
भारत में एआई और डिजिटल आधारभूत ढांचे को लेकर निवेश की दौड़ लगातार तेज हो रही है। इसी बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल मेटा ने भारत में अपना पहला एआई आधारित डाटा केंद्र स्थापित करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की है। इस परियोजना को देश के डिजिटल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बता दें कि इस परियोजना में रिलायंस केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी डाटा केंद्र के डिजाइन, निर्माण, ऊर्जा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क संपर्क और संचालन संबंधी सेवाओं की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। वहीं मेटा इस केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक ऊर्जा और जल की पूरी लागत वहन करेगी।
गौरतलब है कि मेटा और रिलायंस के बीच यह सहयोग किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में दोनों कंपनियों ने भारत और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एआई आधारित समाधान विकसित करने के उद्देश्य से एक संयुक्त उद्यम भी शुरू किया था। उस समय दोनों कंपनियों ने कुल 855 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश की घोषणा की थी। इससे पहले वर्ष 2020 में मेटा ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 5.7 अरब डॉलर का निवेश कर लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी भी खरीदी थी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने इस साझेदारी को भारत के डिजिटल आधारभूत ढांचे के लिए परिवर्तनकारी क्षण बताया है। उनका कहना है कि जामनगर आने वाले समय में विशाल स्तर की एआई आधारित संगणना का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करेगी।
जामनगर को इस परियोजना के लिए चुनने के पीछे कई कारण बताए गए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार यहां नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता, पर्याप्त जल संसाधन, समुद्री संचार केबलों की निकटता और जियो के व्यापक प्रकाश तंतु नेटवर्क जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इस केंद्र को नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित किया जाएगा और समुद्री जल को शुद्ध कर शीतलन व्यवस्था के लिए उपयोग किया जाएगा।
मेटा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि भारत कंपनी के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है। उनके अनुसार जामनगर में बनने वाला यह केंद्र मेटा की वैश्विक एआई क्षमता को मजबूत करेगा और भारत में दीर्घकालिक निवेश को भी बढ़ावा देगा।
गौरतलब है कि मेटा पिछले कुछ वर्षों से एआई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। कंपनी ने अपने पूंजीगत व्यय के अनुमान को बढ़ाकर 125 अरब डॉलर से 145 अरब डॉलर के बीच कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भी नए समझौते किए हैं, जिनके तहत राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सौर तथा पवन ऊर्जा परियोजनाओं से लगभग एक गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त की जाएगी।
बता दें कि भारत को वैश्विक डाटा केंद्र और एआई केंद्र बनाने की दिशा में कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं। गूगल, ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन भी हाल के वर्षों में भारत में अरबों डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में मेटा और रिलायंस की यह साझेदारी भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है।