चेक बाउंस मामले में Ameesha Patel ने कोर्ट में किया सरेंडर, पहली बार फर्जीवाड़ा करने के आरोप पर तोड़ी चुप्पी

By रेनू तिवारी | Jun 20, 2023

चेक बाउंस मामले में अभिनेत्री अमीषा पटेल ने शनिवार को रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनके आत्मसमर्पण के बाद, अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। उन्हें 21 जून को कोर्ट के सामने शारीरिक रूप से पेश होने के लिए भी कहा गया है। मामला 2018 का है जब अमीषा रांची के हरमू ग्राउंड में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। वह वहां व्यवसायी अजय कुमार सिंह से मिलीं और उन्होंने उनके साथ एक फिल्म के वित्तपोषण पर चर्चा की। सिंह लवली वर्ल्ड एंटरटेनमेंट के मालिक हैं। सिंह ने फिल्म निर्माण परियोजना में निवेश किया। हालांकि, फिल्म दिन का उजाला नहीं देख पाई। सिंह ने अमीषा से अपने पैसे वापस करने की मांग की। उसने चेक के माध्यम से 2.50 करोड़ रुपये की राशि वापस कर दी लेकिन चेक बाउंस हो गया। नवंबर 2021 में, अमीषा इसी तरह की वजह से सुर्खियों में थीं, जब यूटीएफ टेलीफिल्म्स को दिया गया उनका 32.25 लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया था।

अभिनेत्री अमीषा पटेल ने एक चेक बाउंस होने के मामले में शनिवार को यहां रांची की दिवानी अदालत में आत्मसमर्पण किया। वरिष्ठ डिवीजन न्यायाधीश न्यायाधीश डी. एन. शुक्ला ने अभिनेत्री को जमानत दे दी और उनसे 21 जून को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के लिए कहा।

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अजय कुमार सिंह ने लगाया था अमीषा पर फर्जीवादा करने का आरोप

यह मामला 2018 का है जब झारखंड के फिल्म निर्माता अजय कुमार सिंह ने अभिनेत्री के खिलाफ धोखाधड़ी और चेक बाउंस का मामला दर्ज करवाया था। शिकायतकर्ता की वकील विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इससे पहले अदालत ने कई बार समन जारी किए थे किंतु वह पेश नहीं हुईं। बाद में अदालत ने उनके विरूद्ध वारंट जारी किया।’’ शिकायत के अनुसार सिंह ने ‘देसी मैजिक’ फिल्म के निर्माण के लिए अभिनेत्री के बैंक खाते में ढाई करोड़ रूपये जमा करवाये थे। बहरहाल, अमीषा ने फिल्म में काम नहीं किया और ढाई करोड़ रुपये का चेक भिजवा दिया किंतु यह बाउंस हो गया।

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उच्चतम न्यायालय ने अगस्त 2022 में झारखंड की सुनवाई अदालत द्वारा पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी और भरोसे को तोड़ने के आपराधिक मामले में भेजे गए समन पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा- 138 (चेक बाउंस) के दंडनीय अपराध में कार्यवाही कानून के तहत जारी रखी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश पांच मई 2022 को झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर दिया था। उच्च न्यायालय ने पटेल की मामला खत्म करने और उनके खिलाफ शिकायत के संदर्भ में रांची की सुनवाई अदालत के फैसले को रद्द करने की अर्जी खारिज कर दी थी।

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